जिला टास्क फोर्स की कार्रवाई में लगभग 90 अवैध क्रशर जमींदोज

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स्वदेश संवाददाता
इचाक। सूबे के सीएम हेमंत सोरेन के निर्देश पर जिला टास्क फोर्स की टीम प्रखंड में संचालित अवैध क्रशरों को जमींदोज करने शुक्रवार को डुमरौन मंडी पहुंची। टीम का नेतृत्व खुद हजारीबाग उपायुक्त नैंसी सहाय एवं पुलिस कप्तान मनोज रतन चौथे कर रहे थे। टीम में माइनिंग प्रदूषण तथा वन विभाग के अधिकारियों और 6 प्रखंडों के सीओ, जैप व जिला बल के जवानों सहित महिला पुलिस कर्मियों के 250 से अधिक जवानों को लगाया गया था। टास्क फोर्स की टीम क्रशरों को ध्वस्त करने के लिए आठ जेसीबी मशीन, चार हाइड्रा, 12 चक्के का 14 हाईवा के अलावा कई आवश्यक सामान साथ लाए थे, ताकि अवैध क्रशरों को धवस्त करने में होने वाली परेशानियों से तत्काल निपटा जा सके। क्रशर ध्वस्त करने के मकसद से टास्क फोर्स की टीम सुबह करीब आठ बजे जैसे ही डुमरौन मंडी में प्रवेश किया तो संचालकों एवं कारोबारियों में खलबली मच गई। देखते ही देखते मजदूर और संचालक भाग निकले, जिसके चंद मिनट बाद ही प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू करते हुए मंडी के अंतर्गत संचालित करीब 90 क्रशरों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के इस कार्रवाई से व्यवसायियों को लगभग 4 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। लोगों ने बताया कि टास्क फोर्स की टीम क्रशर को ध्वस्त करते हुए अपने साथ 50 पीस इंजन, 20 पीस अल्टीनेटर के अतिरिक्त क्रशर संचालक में प्रयुक्त होने वाले अन्य कई उपकरण तथा औजार साथ ले गई। वहीं संचालकों को चिन्हित करते हुए माइंस अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

*क्या कहते हैं प्रशिक्षु आईपीएस ऋषभ गर्ग*
प्रशिक्षु आईपीएस सह थाना प्रभारी ऋषभ गर्ग ने कहा कि सरकार तथा सीएम हेमंत सोरेन के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। संचालकों को अवैध धंधे से बाज आने की अल्टीमेटम दिया गया था। एक से 15 जून के बीच कार्रवाई करने की तिथि सीएम स्तर से तय की गई थी, जिसके तहत आज कार्रवाई की गई। चिन्हित व्यवसायियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए जुर्माना भी वसूला जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि 50 से अधिक अवैध क्रशरों को नष्ट किया जा चुका है।

*क्या कहते हैं व्यवसायी वर्ग*
जिला टास्क फोर्स द्वारा क्रशरों के खिलाफ की गई कार्रवाई को व्यवसायियों ने साजिश बताया है। व्यवसायियों ने कहा कि प्रशासनिक अल्टीमेटम के बाद अधिकांश क्रशर व्यवसायियों द्वारा क्रशर खोल दिया गया था और शेष क्रशर खोले जा रहे थे। इसी बीच टास्क फोर्स की टीम सूचना दिए बैगर शुक्रवार को मंडी पहुंची और ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन के इस कार्रवाई से व्यवसायी वर्ग को चार से पांच करोड़ का नुकसान हुआ है। साथ ही पांच हजार मजदूर बेरोजगार हुए हैं। सरकार को क्रशर बंद करने से पूर्व वैकल्पिक व्यवस्था ढूंढना चाहिए। क्रशर बंद होने से मजदूरों के बीच बेरोजगारी बढ़ेगी। सरकार व्यवसायियों तथा मजदूरों के समस्या को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं गई तो व्यवसायी और मजदूर वर्ग सड़क से सदन तक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।

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