चुरचू प्रखंड में तीन छोड़ सभी निजी स्वास्थ्य केंद्र बिना पंजीकरण के संचालित आरटीआई से हुआ मामले का खुलासा

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एहसान अंसारी
चरही। चुरचू प्रखण्ड में केवल तीन निजी स्वास्थ्य केंद्र ही क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत पंजीकृत हैं, बाकी सभी निजी स्वास्थ्य केंद्र बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। मामले का खुलासा आरटीआई के माध्यम से हुआ, जिसमें बताया गया कि शिव शुसिला नर्सिंगहोम मेन रोड चरही, बेबी लाइफ केअर हॉस्पिटल वाशरी कॉलोनी चुरचू और रवि क्लिनिक चरही पंजीकृत है। इसके अलावा दर्जनों निजि स्वास्थ्य केंद्र बिना पंजीकरण के ही संचालित हैं। और तो और प्रखण्ड में एक भी निजी पैथोलॉजी और एक्स-रे संस्थान ने इस एक्ट के अंतर्गत अपना निबंधन नही कराया है। इससे तो यही लग रहा था कि क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर कई केंद्र मोटी कमाई कर रहे हैं।विदित हो कि ऐसे केंद्र के पंजीकरण के लिए असैन्य शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, हजारीबाग की ओर से कई बार विज्ञप्ति जारी किया गया, इसके बावजूद पंजीकरण न कराना इनके लापरवाही और गलत मंशा को दर्शाता है।बताते चलें कि इस एक्ट में पंजीकरण नहीं कराने वाले निजी अस्पताल, नर्सिंगहोम, क्लिनिक, आयुष क्लीनिक, पैथोलॉजी जांच घर, एक्स-रे संस्थान को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के संचालित इन निजि स्वास्थ्य केंद्रों पर धारा 41 (1) के तहत सख्त आर्थिक दंड के प्रावधान है। प्रथम बार पचास हजार, द्वितीय बार दो लाख और तीसरे बार पांच लाख रुपये का जुर्माना लिया जाना है। *क्या है क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010* स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए अस्पताल, नर्सिंगहोम, क्लिनिक, आयुष क्लिनिक, पैथोलॉजी जांच घर और एक्स-रे संस्थाओं को नियमन करने के लिए सरकार द्वारा यह एक्ट लागू किया गया है। इसके तहत बाध्यकारी नियम और कुछ मानक तय किये गए है, जिससे स्वास्थ्य तंत्र में पारदर्शिता आये और जवाबदेही तय हो सके। इस एक्ट के मुख्य प्रावधानों के तहत इलाज करने वाले स्वास्थ्य केंद्रों को चिकित्सक का परामर्श शुक्ल और अन्य सेवाओं के शुल्क को प्रदर्शित करना है। इसके अलावे स्वास्थ्य केंद्र के पंजीकरण प्रमाण पत्र को भी आसानी से दिखाई दे, ऐसी जगह लगाना होगा। यही नहीं, आने वाले मरीजों का नाम, पता के साथ साथ दी गई दवाईयों और सेवाओं का भी रिकार्ड रखना  है। इन चीज़ों का समय-समय पर सक्षम पदाधिकारी निरीक्षण किया जाएगा।
इन सब का लाभ सीधे तौर पर मरीजों को मिलेगा, उनसे मनमानी तरीके से शुल्क नहीं वसूला जा सकेगा। साथ ही प्रशिक्षित डॉक्टरों और जरूरी सुविधाओं के साथ मरीजो का इलाज हो सकेगा।

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