नियमों की खुलेआम उड़ाई जा रही है धज्जियां बिना पंजीकरण के के चल रहे हैं कई निजि स्वास्थ्य केंद्र लोगों की ज़िंदगी से खिलवाड़, प्रशासन मौन!

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एहसान अंसारी
चरही। चुरचू प्रखंड में इलाज करने वाले दर्जनों निजी स्वास्थ्य केंद्र बिना क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 में पंजीकरण कराए ही संचालित किये जा रहे हैं। इसमें अस्पताल, नर्सिंगहोम, आयुष क्लिनिक, क्लीनिक, एक्स-रे संस्थान आदि शामिल हैं। मिली जानकारी के मुताबिक चरही चौक के आस-पास भी मेडिकल दुकानों के आड़ में अवैध क्लिनिक चलाए जा रहें है। हैरानी की बात है कि इनमें बाकायदा पेशेवर चिकित्सक की तरह परामर्श शुल्क तय है। वहीं निजी नर्सिंग होम की बात की जाए तो तीन स्वास्थ्य केंद्र छोड़ बाकी सभी धड़ल्ले से बेख़ौफ़ एनएच और चरही-घाटो रोड के किनारे बड़े-बड़े भवनों में बैनर और होर्डिंग लगाकर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के दावे उनके बैनरों में देखे जा सकते हैं। अधिकांश जगहों पर पंजीकरण के अलावा उपलब्ध कराई जा रही जरूरी सुविधा भी तय मानकों के अनुरूप नहीं है। बड़ी विडंबना की बात है कि ऐसे सभी स्वास्थ्य केंद्रों का पुलिस प्रशासन और सक्षम अधिकारियों को भी खबर तक नहीं है! असैन्य शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, हजारीबाग से इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी मिलने के बाद संज्ञान लिया जाएगा।एक चौंकाने वाली बात यह भी है कि बिना पंजीकरण के गलत तरीके से चलाए जा रहे स्वास्थ्य केंद्रों में ज्यादातर तो गूगल जैसे पलेटफॉर्म पर भी दिखाई देते हैं। चरही या चुरचू के नाम पर क्लिनिक सर्च करने पर दर्जनों भ्रामक संस्थाओं के नाम सामने आ जाता है। वर्तमान समय में कम जानकार लोग इंटरनेट पर किसी चीज़ का नाम देख कर ही सही मान लेते हैं और बेहतर सेवा की उम्मीद में इनके पास पहुंच जाते है। इन सब के बीच प्रशासन और निगरानी करने वाले अधिकारियों पर भी सवाल खड़े होते हैं। *प्रखण्ड में गलत इलाज से हो चुकी है एक मौत* गलत और अवैध तरीके से संचालित ऐसे स्वास्थ्य केंद्रों का  खमियाजा सीधे तौर पर क्षेत्र के मरीजों को उठाना पड़ रहा है। प्रशिक्षित डॉक्टरों और जरूरी सुविधाओं के अभाव में ही लोगों का इलाज कर लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। पिछले वर्ष इन्हीं झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा गलत सुई लगाने से चुरचू की एक महिला की मृत्यु हो गयी थी! इस घटना के बाद प्रशासन द्वारा प्रखंड में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराए जाने वाले खोखले दावों की पोल खुल गयी थी। उम्मीद थी कि प्रशासन हरकत में आएगी और ऐसे मौत बांटने वाले लोगों पर कार्रवाई करेगी परंतु ऐसा कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा है।

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