भागलपुर। जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए गुरुवार को बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सुल्तानगंज और भागलपुर शहरी क्षेत्र के बाद अब कहलगांव में भी गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। इस गिरावट के बाद पिछले कई दिनों से बाढ़ की विभीषिका झेल रहे तटीय इलाकों के ग्रामीणों और जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है। केंद्रीय जल आयोग द्वारा गुरुवार सुबह जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान भागलपुर और कहलगांव दोनों ही प्रमुख क्षेत्रों में गंगा के जलस्तर में 32-32 सेंटीमीटर की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
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जलस्तर में तेजी से हो रही इस कमी के कारण दियारा और निचले इलाकों में फैला बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। गंगा के लाल निशान से नीचे आने के बाद हालांकि बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है, लेकिन जलभराव वाले रिहायशी इलाकों में अब कीचड़ और दुर्गंध की समस्या बढ़ गई है।
जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, पानी उतरने के साथ ही प्रभावित गांवों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और मेडिकल कैंप लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है ताकि बाढ़ के बाद फैलने वाली जलजनित बीमारियों और महामारी को रोका जा सके।
इंजीनियरों और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पानी घटने के दौरान कटाव का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सुल्तानगंज से लेकर कहलगांव तक के संवेदनशील तटबंधों पर फ्लड फाइटिंग फोर्स और स्थानीय अभियंताओं की टीम लगातार गश्त कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जलस्तर में गिरावट का यह दौर अगले दो-तीन दिनों तक जारी रहने की संभावना है।



