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विचार

लोकतंत्र की बुनियाद है भारतीय संविधान

ओम बिरला, लोक सभा अध्यक्ष भारत विश्व का महानतम कार्यशील लोकतंत्र है। ऐसा न केवल इसके विशाल आकार अपितु इसके बहुलतावादी स्वरूप और समय की कसौटी पर खरे उतरने के कारण है। लोकतांत्रिक परंपराएं और सिद्धांत भारतीय सभ्यता की विरासत के अभिन्न…
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भारत के गौरव: भगवान बिरसा मुंडा

डॉ. एल मुरुगन वर्तमान में भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। दमनकारी ब्रिटिश राज के खिलाफ मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए निडर होकर प्रयास करनेवाले महान सेनानियों में एक विशिष्ट नाम है - भगवान बिरसा मुंडा। बिरसा मुंडा ने केवल पच्चीस…
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जनजातीय गौरव के लिए राष्ट्र प्रतिबद्ध

अर्जुन मुंडा भारत दुनिया का एक अनूठा देश है, जहाँ 700 से अधिक जनजातीय समुदाय के लोग निवास करते हैं। देश की ताकत, इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता में निहित है। जनजातीय समुदायों ने अपनी उत्कृष्ट कला और शिल्प के माध्यम से देश की…
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देह का अभिमान ही नरकासुर है : बहन निर्मला

नरकासुर अर्थात् संसार को नरक बना देने वाला असुर नरक - चतुर्दर्शी पर आध्यात्मिक कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केन्द्र, चौधरी बगान, हरमू रोड में नरक - चतुर्दर्शी के पूर्व संध्या पर केन्द्र…
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आत्म-निर्भरता की दिशा में भारत बड़ी छलांग लगाने को तैयार

मनसुख मांडविया। विदेशी शासन से स्वतंत्र होने के पचहत्तर साल बाद, हम एक अलग तरह की आजादी की तलाश कर रहे हैं; इस बार देश, एक अदृश्य आक्रमणकारी सार्स-सीओवी-2, जो पिछले 20 महीनों से देश को तबाह कर रहा है, से मुक्त होना चाहता है। इस घातक…
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रेशम की डोर

रेशम की डोर सिर्फ नहीं बाँधती भाई बहन के रिश्तों को राखी में समाहित होते हैं। भाई बहन के अन्य अनेक भाव भी वो भाई जो पिता बन कन्यादान करते हैं। वो भाई जो हमराज हमजोली बन ताउम्र साथ लड़ते झगड़ते जिम्मेदारी उठाते संग चलते है। वो…
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केसर—भीनी खुशबू का अहसास लिए क्षणिकाएं

ऋता शेखर मधु। लघु विधाओं में क्षणिकाओं का अपना एक महत्वपूर्ण स्थान है। क्षणिकाएं अक्सर मारक हुआ करती हैं जो बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करती हैं। किंतु कवयित्री कंचन अपराजिता की क्षणिकाएँ प्रेम से ओतप्रोत कोमल अहसास लिए हैं। अर्थों की गहनता…
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आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र रे के जीवन से प्रेरणा लें: डॉ. सोमदेव भारद्वाज

लखनऊ। विज्ञान भारती अवध प्रान्त द्वारा भारत के प्रख्यात रसायनविद आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र रे की 160वीं जयंती के अवसर पर स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव का प्रारम्भ ऑनलाइन माध्यम से किया गया। इस अवसर पर विज्ञान भारती के क्षेत्र संगठन मंत्री डॉ.…
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सजी है आज गोरी के कलाई में हरी चूड़ियाँ

सजी है आज गोरी के कलाई मे हरी चूड़ियाँ। सावन का संदेशा लाई है ये हरी चूड़ियाँ। संतरंगी इंन्द्रधनुष से रंग चुराई है हरी चूड़ियाँ।2479 सलोने पिया के मनभायी है हरी चूड़ियाँ। सब्ज धरा की हरितिमा समा लाई हरी चूड़ियाँ। शव…
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