सहरसा। महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने के उद्देश्य से ‘समृद्ध महिला–समृद्ध बिहार अभियान’ का शुभारंभ गुरुवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में किया गया।
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मुख्यमंत्री, बिहार सम्राट चौधरी के द्वारा आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सहरसा के एनआईसी सभागार में जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में जीविका दीदियों एवं संबंधित पदाधिकारियों ने देखा। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार एवं जीविका डीपीएम श्लोक कुमार उपस्थित रहे।
राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख महिला लाभुकों को प्रथम किस्त की राशि का अंतरण तथा जीविका निधि से 10 हजार लाभुकों को ऋण वितरण किया गया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से 112 ग्रामीण हाट के निर्माण का कार्यारंभ किया गया।
इसी क्रम में सहरसा जिले के 2,194 महिला लाभुकों को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की प्रथम किस्त की राशि का अंतरण किया गया। इससे पूर्व जिले के 3,98,084 लाभुकों को प्रथम किस्त की राशि मिल चुकी थी। आज के अंतरण के बाद जिले में कुल 4,00,278 महिला लाभुक प्रथम किस्त से लाभान्वित हो चुकी हैं। वहीं, जिले की 2,010 महिला लाभुकों को द्वितीय किस्त की राशि भी प्रदान की गई।जिले में जीविका निधि से ऋण प्राप्त करने हेतु कुल 209 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 59 आवेदनों का ऋण अनुमोदित किया जा चुका है, जबकि 150 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जीविका दीदियों ने जिलाधिकारी श्री दीपेश कुमार को बुके देकर सम्मानित किया। जिलाधिकारी ने दीदियों को उद्यमिता एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा योजनाओं का लाभ अधिकाधिक पात्र महिलाओं तक पहुंचाने पर जोर दिया।समृद्ध महिला–समृद्ध बिहार’ अभियान महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर एवं उद्यमी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



