सारण। बाढ़ प्रभावित सारण जिले में जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग की अभियंत्रण टीम की कार्रवाई से माही नदी के दाएं तटबंध के 11.90 किलोमीटर बिंदु पर हुई टूटन की मरम्मत मात्र दो दिनों में पूरी कर ली गई है। तटबंध की इस टूटन को प्रभावी ढंग से बंद करते हुए नदी के बहाव को पूर्ण रूप से नियंत्रित कर लिया गया है।
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जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ नीना झा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 06 सितंबर को गंगा नदी के उच्चतम जलस्तर के कारण उत्पन्न बैकवॉटरिंग की स्थिति के फलस्वरूप माही नदी का यह तटबंध क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था।
इस घटना की सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के अध्यक्ष तथा कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निसरण प्रमंडल, छपरा के नेतृत्व में तकनीकी टीम ने तत्काल स्थल पर पहुंचकर युद्धस्तर पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य प्रारंभ कर दिया था।
अभियंत्रण विभाग की समर्पित टीम ने लगातार दिन-रात काम करते हुए आवश्यक तकनीकी संसाधन जुटाए और 08 सितंबर की रात तक तटबंध की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया तथा नदी के बहाव को रोक दिया। इस कार्रवाई से संभावित गंभीर स्थिति को नियंत्रित करने में सफलता मिली है।
यह पूरा अभियान जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन और सतत मॉनिटरिंग में संपन्न हुआ। जिला प्रशासन ने स्थल की स्थिति पर लगातार निगरानी रखते हुए अभियंत्रण विभाग के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया, जिसके परिणामस्वरूप यह कार्य अत्यंत कम समय में संभव हो सका।
आज उपमुख्यमंत्री-सह-प्रभारी मंत्री सारण विजेंद्र प्रसाद यादव ने माही नदी के उक्त तटबंध स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मरम्मत कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उपमुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग की टीम के त्वरित एवं प्रभावी कार्यों की सराहना की। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ की अवधि समाप्त होने तक पूरी मुस्तैदी एवं सतर्कता बनाए रखें।



