मुजफ्फरपुर। जिले के बहुचर्चित और कुख्यात शूटर गोविंद शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। कांड की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस ने विशेष जांच के तहत तीन प्रमुख लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। मामले की जानकारी देते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि वरीय अधिकारियों और विशेष पुलिस टीम की मौजूदगी में यह पूछताछ की जाएगी। नए आपराधिक कानून के तहत पूरी प्रक्रिया की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी।
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पुलिस की विशेष टीम ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूछताछ के लिए लगभग 100 तीखे सवालों की एक विस्तृत सूची तैयार की है।
पहले चरण में नोटिस पाने वाले तीनों आरोपियों से अलग-अलग कमरों में एकांत में पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद बयानों में विरोधाभास और सच्चाई का पता लगाने के लिए तीनों को एक साथ बैठाकर क्रॉस-अग्ज़ामिनेशन (आमने-सामने पूछताछ) किया जाएगा। इस दौरान जो नए और कॉमन नाम सामने आएंगे, उन्हें भी अगले चरण में विधिवत नोटिस भेजकर समन किया जाएगा।
पुलिस द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद शंभू-मंटू गिरोह के कुख्यात प्रदुमन कुमार उर्फ मंटू शर्मा ने उपस्थित होने के लिए पुलिस से एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। वहीं, दूसरा आरोपी शक्ति स्वरूप शर्मा उर्फ उद्धव पुलिस के समक्ष पेश होकर अपने जवाब दर्ज कराने के लिए तैयार है।
दूसरी ओर, कलमबाग चौक निवासी रेलवे कर्मी आशुतोष कुमार उर्फ फुद्दु को पुलिस ने दूसरी बार पूछताछ के लिए बुलाया है। सूत्रों के अनुसार, 31 मई की रात गोविंद की हत्या से ठीक पहले आशुतोष ही वह अंतिम व्यक्ति था जो उसके साथ मौजूद था। घटना से कुछ समय पूर्व दोनों के बीच लीची का बंटवारा भी हुआ था, जिससे उसकी भूमिका बेहद संदिग्ध मानी जा रही है।
आइकॉन टावर में हुई थी हत्या, अब तक 3 भेजे जा चुके हैं जेल:
उल्लेखनीय है कि 31 मई की देर रात शहर के कल्याणी स्थित आइकॉन टावर में कुख्यात शूटर गोविंद शर्मा की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। मृतक गोविंद के खिलाफ हत्या और रंगदारी के करीब 10 गंभीर मामले दर्ज थे। वह मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके ड्राइवर रोहित की अत्याधुनिक हथियारों से हुई चर्चित हत्या के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष शाही व उनके गार्ड्स के हत्याकांड में भी नामजद आरोपी था।
घटना के बाद मृतक गोविंद की पत्नी रीना उर्फ अंजली के बयान पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि, बाद में पूरक बयान के आधार पर मामला मोड़ लेता गया और चार-पांच अन्य लोगों के नाम जोड़े गए, जिनमें गोविंद की करीबी पटना की महिला डॉक्टर जसलीन का नाम भी शामिल था।
पुलिस इस मामले में अब तक त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। जेल जाने वालों में गोविंद का प्रॉपर्टी पार्टनर और बेगूसराय का कुख्यात रंजय ओंकार, कुढ़नी का बाबुल चौधरी और पारू इलाके का शूटर सौरभ उपाध्याय प्रमुख हैं। पुलिस का कहना है कि आगामी पूछताछ से हत्या की इस पूरी साजिश का पर्दाफाश जल्द कर लिया जाएगा।



