Chandigarh: हिसार जिले के गांव ढंढेरी से करीब एक साल पहले हुई शुरुआत को अब पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। 15 अगस्त से प्रदेश के 509 सरकारी स्कूलों के नाम औपचारिक रूप से देश की रक्षा में शहीद हुए हरियाणा (haryana) के वीर जवानों के नाम पर हो जाएंगे। 14 अगस्त की मध्यरात्रि से राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के सभी रिकॉर्ड में और वेबसाइट पर इन सरकारी स्कूलों का नामकरण बदलकर शहीदों के नाम पर हो जाएगा।
बीते वर्ष 15 अगस्त को हांसी क्षेत्र के ढंढेरी गांव के निशांत मलिक की जम्मू कश्मीर में शहादत पर डिप्टी सीएम शहीद के घर के गए थे और उसी दिन शाम तक गांव के स्कूल के बोर्ड पर नया नाम लिखवा दिया था। इसके बाद कई अन्य अवसरों पर भी उपमुख्यमंत्री और सरकार की तरफ से कई गांवों में स्कूलों के नाम वहां के शहीदों के नाम पर रखे जाने की घोषणा हुई। अब राज्य के 358 हाईस्कूल या सीनियर सेकेंड्री स्कूल, और 151 मिडल या प्राइमरी स्कूलों के नाम उन गांवों के बहादुर जवानों के नाम पर होंगे, जिन्होंने देश के लिए सर्वोत्तम बलिदान दिया। इनमें सबसे ज्यादा रेवाड़ी जिले के 94, भिवानी जिले के 85 और जींद जिले के 61 स्कूल शामिल हैं।
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पलवल जिले में 38, रोहतक में 36, चरखी दादरी में 28, झज्जर में 28, गुरुग्राम में 25, कैथल में 21, महेंद्रगढ़ में 16, हिसार में 13 और फतेहाबाद में 10 स्कूलों के नाम शहीदों के नाम पर रखे गए हैं। इसी तरह अंबाला, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र, सोनीपत में 8-8, यमुनानगर, पंचकुला, पानीपत में 5-5, सिरसा में 4, करनाल में 2 और नूंह जिले में 1 सरकारी स्कूल का नाम वहां के शहीदों के नाम पर होगा।
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि शहीदों का देश के लिए बलिदान और उनके परिवारों का राष्ट्रसेवा में योगदान अतुलनीय है और देश उनका कर्ज़ कभी नहीं चुका सकता। गांव की तरक्की और भविष्य निर्माण की धुरी वहां के सरकारी स्कूलों का नामकरण उसी गांव के वीर जवान के नाम पर करके राज्य सरकार अपनी तरफ से एक छोटी सी कोशिश कर रही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 509 सरकारी स्कूलों के नए नामकरण को 15 अगस्त के सभी जगह सरकारी रिकॉर्ड में अपडेट कर दिया जाएगा और भविष्य में सभी सूचनापट्ट और सरकारी दस्तावेजों में यही नए नाम लिखे जाएंगे।