स्वदेश संवाददाता
दारू (हजारीबाग): छह महीने की मेहनत, पसीना और उम्मीदें सब कुछ दो दिनों की लगातार बारिश ने मिट्टी में मिला दिया। इस साल धान की फसल देखकर किसानों के चेहरे खिल उठे थे, लेकिन बीते 24 घंटे की तेज वर्षा और हवाओं ने उनकी सारी खुशियाँ छीन लीं। रामदेव खरिका के किसान जगन महतो ने बताया कि धान की बालियां पूरी तरह झुक गई हैं, अगर बारिश इसी तरह दो दिन और जारी रही तो किसानों की कमर टूट जाएगी। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यदि ओलावृष्टि हुई, तो फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है, जिससे धान के दाम भी आसमान छू सकते हैं।केवल धान ही नहीं, बल्कि आलू, बैंगन, भिंडी और गोभी जैसी सब्ज़ियों पर भी अधिक पानी का बुरा असर पड़ा है। खेतों में पानी भर जाने से पौधे गलने लगे हैं। किसानों का कहना है कि मौसम की इस मार ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है और अब वे सरकार से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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