Haridvar। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने सोमवार को ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में नारी शक्ति महोत्सव कार्यक्रम में ने हरिद्वार जिले के लिए 1168 करोड़ रुपये की लागत के 158 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने विशाल जनसभा में घोषणा की कि हल्द्वानी के बनभूलपुरा अतिक्रमण वाले स्थल पर पुलिस और अन्य संस्थान खोले जायेंगे। उन्होंने हरिद्वार के शहरी क्षेत्र की सम्पूर्ण सीवरेज व्यवस्था के सुदृढीकरण के लिए जर्मन बैंक की मदद से 523 करोड़ की स्वीकृत परियोजना, ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था, पर्यटक स्थलों के विकास, पार्किंग व्यवस्था सहित अन्य कार्यों का आज शिलान्यास किया। इन योजनाओं से हरिपुरकलां, भूपतवाला, भीमगोडा, हरकी पैड़ी, मायापुर, कनखल, ऋषिकुल, ज्वालापुर, आवास विकास कॉलोनी, गोविन्दपुरी, जगजीतपुर सहित अन्य क्षेत्रों को सीवरेज सहित पेयजल, पार्किंग आदि की समस्या से निजात मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने कहा कि किसी समाज या राज्य की रीढ़, उसकी सशक्त महिलाएं होती हैं। अगर किसी राज्य की नारी शक्ति प्रगति कर रही है तो उस राज्य का विकास सुनिश्चित है। उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण में राज्य की महिलाओं का विशेष योगदान रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए अनेक प्रयास हुए हैं। उत्तराखण्ड में भी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों को उन्नत रूप से विकसित करते हुए भविष्य के नौनिहालों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट तारा की शुरुआत करने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन की सराहना की। इस प्रोजेक्ट के अन्तर्गत 150 आंगनबाड़ी केन्द्रों को आधुनिक व तकनीकी रूप से समृद्ध बनाते हुए प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र में स्मार्ट टीवी, बच्चों के लिए फर्नीचर, खिलौने और आंगनबाड़ी कार्यकत्री को नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रणाली की बारीकी से ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रोजेक्ट से आंगनबाड़ी केन्द्रों के 3000 बच्चों एवं 300 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सीधे लाभान्वित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री के “अमृतकाल की आंगनबाड़ी“ के सपने को मूर्तरूप देने का प्रशंसनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के अन्तर्गत राज्य सरकार ने हरिद्वार में “मीठी गंगा“ नामक एक और महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत भी की है, जिसमें स्थानीय महिलाओं द्वारा शहद उत्पादन एवं बिक्री का कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम महिलाओं को होम मेकर के साथ-साथ नेशन मेकर के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि तभी हम सही अर्थों में राष्ट्र का विकास कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिये निरंतर कार्य हो रहे हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य व दिव्य मंदिर का उद्घाटन, काशी विश्नाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक कॉरिडोर सहित बाबा केदार के पुनर्निर्माण कार्य और बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के कार्य इस बात का सबूत है, उन्होंने जो कहा वह किया। उन्होंने कहा कि अब हम हरिद्वार और ऋषिकेश कॉरिडोर का निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं, क्योंकि हम अयोध्या, काशी विश्वनाथ और महाकाल लोक कॉरिडोर की तरह ही हरकी पैड़ी कॉरिडोर को विश्व के मानचित्र पर एक अलग पहचान दिलाना चाहते हैं। उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और अब समान नागरिक संहिता विधेयक विधानसभा से पास हो गया है। हमें 21वीं सदी के इस तीसरे दशक को महिला सशक्तिकरण को समर्पित दशक बनाना है।
मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति महोत्सव कार्यक्रम से पहले देवपुरा चौक से ऋषिकुल मैदान तक आयोजित भव्य रोड शो प्रतिभाग कर मातृ शक्ति और विशाल जन समूह का अभिनंदन स्वीकार किया।
इस अवसर पर सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, श्रीमती कल्पना सैनी, जिला पंचायत अध्यक्ष हरिद्वार राजेन्द्र चौधरी, भाजपा के जिलाध्यक्ष श्यामवीर सैनी, शोभाराम प्रजापति, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, देशराज कर्णवाल, जिलाधिकारी हरिद्वार धीराज गर्ब्याल, एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल, सीडीओ प्रतीक जैन उपस्थित थे।