सहरसा। आईटीसी के ‘मिशन सुनहरा कल’ मखाना विकास कार्यक्रम के तहत आईटीसी एवं कौशल्या फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सहरसा में किसानों के लिए एक दिवसीय एक्सपोज़र विजिट का आयोजन किया गया।सिटानाबाद स्थित ‘कोसी एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड‘ में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों को आधुनिक मखाना रोस्टिंग एवं पॉपिंग मशीनों की व्यावहारिक जानकारी देना और उन्हें मशीनीकृत प्रसंस्करण से जोड़ना था।
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इस शैक्षणिक व तकनीकी विजिट में कहरा, सत्तर कटैया तथा नौहट्टा प्रखंड के 13 प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया।विजिट के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक मखाना रोस्टिंग एवं पॉपिंग मशीनों की कार्यप्रणाली, संचालन प्रक्रिया,उत्पादन क्षमता,प्रसंस्करण दक्षता तथा सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी। किसानों ने पारंपरिक तरीकों से हटकर मशीनों द्वारा मखाना फोड़ने और भूनने की पूरी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा और इसके तकनीकी पहलुओं को समझा।
विशेषज्ञों ने बताया कि मशीनीकरण के उपयोग से मखाना प्रसंस्करण अधिक सुव्यवस्थित, तेज और सुरक्षित होता है। इससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में भी सुधार आता है।आधुनिक तकनीक को अपनाकर किसान और स्थानीय उद्यमी अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य संवर्धन कर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
तकनीकी शंकाओं का हुआ समाधान कार्यक्रम के दौरान किसानों ने मखाना प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की आवश्यकताओं, सुरक्षा मानकों और मशीनों की क्षमता से जुड़े कई व्यावहारिक सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा संतोषजनक समाधान किया गया।आईटीसी ‘मिशन सुनहरा कल’ के प्रतिनिधियों ने कहा कि मखाना क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना बेहद जरूरी है। ऐसे एक्सपोज़र विजिट न केवल किसानों की जानकारी बढ़ाते हैं, बल्कि उनमें नई तकनीक को अपनाने का आत्मविश्वास भी जगाते हैं। कौशल्या फाउंडेशन और आईटीसी आगे भी किसानों के कौशल विकास और टिकाऊ आजीविका के लिए इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे।



