पूर्वी सिंहभूम। दुर्गा पूजा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने जुगसलाई थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित कथित तौर पर हत्या, डकैती और गोलीबारी जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देकर कारोबारियों में भय पैदा करने और उनसे रंगदारी वसूलने की योजना बना रहे थे।
पुलिस ने आरोपितों के पास से एक पिस्टल, एक रिवॉल्वर, 25 जिंदा कारतूस और दो खोखा बरामद किए हैं। रेलवे ब्रिज के पास की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस संभावित आपराधिक साजिश और उसके पीछे शामिल लोगों की जांच कर रही है।
शनिवार को मामले की जानकारी देते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. ऐहतेशाम वकारिब ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जुगसलाई थाना क्षेत्र में कुछ लोग हथियारों के साथ किसी गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने रेलवे ब्रिज के पास छापेमारी कर चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी के अनुसार, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित किस वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे और उनके संभावित निशाने पर कौन लोग थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों में राजेश कुमार साव का आपराधिक इतिहास रहा है। अन्य आरोपितों के आपराधिक रिकॉर्ड, गतिविधियों और संभावित आपराधिक संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस बरामद हथियारों और कारतूसों के स्रोत का पता लगाने के साथ यह भी जांच कर रही है कि उन्हें हथियार किसने उपलब्ध कराए और कथित साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर चारों आरोपितों को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
छापेमारी अभियान में पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) सुमित कुमार, जुगसलाई थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी खान, पुलिस अवर निरीक्षक धनंजय कुमार सिंह और विवेक कुमार पंडित, सहायक अवर निरीक्षक गोपाल पाण्डेय और दिलीप कुमार यादव, हवलदार बासुदेव महतो तथा टैंगो-42 के जवान सैयद सलमान अख्तर और इरफान हुसैन शामिल थे।



