शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Chief Minister Sukhwinder Singh Sukhu) ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में आपदा के कारण लगभग 8000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार ने प्राकृृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए एक दल प्रदेश में भेजा था जो अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को प्रस्तुत करेगा।
‘मॉल ऑफ रांची’ जहां एक छत के नीचे मिल रही हैं ये सभी सुविधाएं, देखें !
रविवार को चंबा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शीघ्र ही दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के संबंध में भेंट करेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने दृढ़ता के साथ इस आपदा का सामना किया। राज्य सरकार ने 48 घंटे के भीतर प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व पानी की अस्थाई आपूर्ति सुनिश्चित की। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रहकर स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की है। अब प्रदेश में स्थिति बहाली का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
सुक्खू ने कहा कि खराब मौसम के कारण वह जिला चंबा के होली नहीं जा पाए, लेकिन जल्द ही वह होली के दौरे पर आएंगे। उन्होंने कहा कि उपायुक्त चंबा को होली क्षेत्र के सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं और सभी प्रभावितों तक राहत पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण को सामने रखकर मुआवजा राशि में दस गुना तक की वृद्धि की है।
श्रीमद्भगवद्गीता में है दर्शन, धर्म और नीति का समन्वय: डा. नमिता सिंह
इससे पूर्व, एनपीएस कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया और पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए उनका धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज होने के बावजूद सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन प्रदान की है। राज्य सरकार प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों को सम्मान से जीवन-यापन का हक देना चाहती है। कांग्रेस ने अपने प्रतिज्ञा पत्र में ओपीएस बहाली की गारंटी दी थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। केंद्र सरकार के पास एनपीएस के दस हजार करोड़ रुपये लंबित हैं और केंद्र से इसे वापस दिलवाने में विपक्ष को राज्य सरकार की मदद करनी चाहिए।