मौजूदा सत्र में 1.50 लाख करोड़ राजस्व संग्रह लक्ष्य के साथ मिशन मोड में हो प्रयास: योगी

0 271
IPRD_728x90 (II)

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जीएसटी की समीक्षा बैठक कर राजस्व संग्रह को और बेहतर करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समेकित प्रयासों से प्रदेश में जीएसटी संग्रह में सतत बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2021-22 में 98107 करोड़ का राजस्व संग्रह हुआ। इसे और बेहतर करने की जरूरत है। 2022-23 की पहली तिमाही में हुआ रिकॉर्ड राजस्व संग्रह अब तक के प्रयासों को सही दिशा होने की पुष्टि करते हैं। वर्ष 2022-23 के लिए 1.50 लाख करोड़ के लक्ष्य के साथ मिशन मोड में नियोजित प्रयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी कंजम्पशन आधारित कर प्रणाली है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद एवं प्रति व्यक्ति आय तथा देश की जीडीपी की वृद्धि दर के दृष्टिगत ही राजस्व प्राप्ति होती है। कंजम्पशन में वृद्धि के लिए नियोजित प्रयासों की जरूरत है। प्रदेश में इसके लिए अनुकूल माहौल है। उन्होंने कहा कि डीलर बेस में वृद्धि के लिए राज्य कर विभाग द्वारा किये गए प्रयासों के अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। सतत प्रयासों से वर्तमान में जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 17.44 लाख हो गई है, जो कि देश में सर्वाधिक है। इसे आगामी एक वर्ष में 30 लाख तक करने के ठोस प्रयास किए जाएं।

यह सुनिश्चित कराया जाए कि सरकारी विभागों द्वारा संविदाकार को भुगतान करते समय टीडीएस, टीसीएस की कटौती करके जमा किये जाने वाले विवरण जीएसटीआर-7 के आधार पर कार्यदायी संस्था का पता लगाकर रिटर्न व देय कर जमा कराया जाए। जीएसटीआर-7 एवं 3बी के अंतर के आधार टैक्स जमा कराया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व की चोरी राष्ट्रीय क्षति है। कर अपवंचन/कर चोरी रोकने के लिए सभी जिलों में एक टास्क फोर्स गठित की जाए।

आए दिन पेट्रोल पंपों पर घटतौली मिलावट की शिकायत मिलती रहती है। यह एक प्रकार की कर चोरी है। यहां औचक छापेमारी कर कार्रवाई की जाए। आवश्यकतानुसार विभाग द्वारा एसटीएफ अथवा पुलिस के अन्य अनुषांगिक बलों की सहयता भी ली जाए। जीएसटी की कर प्रणाली में समस्त कार्य ऑनलाइन किए जाने से अनेक प्रकार के डेटा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। जिनका आईटी टूल्स के माध्यम विश्लेषण करते हुए राजस्व संग्रह के लिए प्रयास किया जाना चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का भी अधिकाधिक प्रयोग करें।

नए पंजीकृत व्यापारी द्वारा हाई वैल्यू के ई-वे बिल जनरेट करने एवं उपयोग किये जाने की प्राथमिकता से जांच कराई जाए। नॉन फाइलर की टर्नओवरवाइज समीक्षा करते हुए रिटर्न दाखिल कराया जाए तथा देय राजस्व को जमा कराया जाना सुनिश्चित कराएं। व्यापारिक उपयोग के लिए लीज, कोचिंग सेवाओं, बैंक्वेट हॉल, मॉल व बड़े कॉम्प्लेक्स में किराये की सेवा तथा अन्य सेवाओं पर नियमानुसार कर प्राप्त किया जाए। राजस्व संग्रह के लिए फील्ड स्तर के अधिकारियों से नियमित अंतराल पर सीधा संवाद किया जाए। मैं स्वयं प्रत्येक 15 दिनों के अंतराल पर फील्ड स्तर के अधिकारियों से संवाद करूंगा।

IPRD_728x90 (I)