राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर मेरी कोई दिलचस्पी नहीं : नीतीश कुमार

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पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को जनता दरबार में विभिन्न जिलों से आये 129 लोगों की समस्याओं को सुना। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में नीतीश ने फिर दोहराया कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अभी कुछ तय नहीं हुआ है। कौन उम्मीदवार होंगे, एक ही होंगे कि अनेक होंगे, इसलिए अभी इसपर प्रतिक्रिया क्या दें। इस पर राय-विचार होगा तब सब साफ हो जाएगा। हम लोग राजग में हैं। खुद के राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कौन क्या बोलता है, मुझे नहीं पता। हमारी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है।

नुपुर शर्मा के बयान से संबंधित पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसको लेकर भाजपा ने एक्शन लिया है। कुछ जगहों पर प्रदर्शन भी हुआ। जैसे ही उस दिन मुझे इस तरह की घटना का पता चला, मैं दूसरी चीज का रिव्यू कर रहा था लेकिन उसे छोड़कर मैंने तुरंत मुख्य सचिव सहित प्रशासन के वरीय अधिकारियों को बुलाया और कहा कि तत्काल इसे देखिए और बिहार में कहीं इस तरह की बात न हो।

रांची में हुई हिंसक घटना से संबंधित प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। कहीं कोई घटना होती है तो उसपर कार्रवाई होनी चाहिए। यह सरकार का काम है। हम लोग के यहां कोई घटना होती है तो तत्काल कार्रवाई होती है। यहां के मंत्री के साथ वहां जो कुछ हुआ है, उसको लेकर यहां से सारी बात कही गयी है। यह उनका दायित्व बनता है कि वो सब कुछ देखें। किसी के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार करना अच्छी बात नहीं है।

नई शिक्षा नीति से संबंधित प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में पढ़ाई और शिक्षकों की बहाली ठीक ढंग से हो, इसे देखना जरूरी है। इसको लेकर बहुत सारे मामले सामने आये हैं उसकी जांच की जा रही है कि सही ढंग से शिक्षकों की बहाली हो रही है या नहीं। राज्य सरकार की तरफ से यह बात कही गयी है कि ठीक ढंग से शिक्षकों की बहाली हो। हमलोग चाहते हैं कि शिक्षकों की बहाली और तेजी से हो। शिक्षा विभाग इस मामले को देख रहा है। अभी पहले के प्रावधान के अनुसार राज्य सरकार कार्य कर रही है। इसको लेकर कानून में भी बदलाव करना होगा। राज्य सरकार की तरफ से इसे केन्द्र को भेज दिया गया है। यह आज नहीं बल्कि बहुत पहले की बात है। इस संबंध में शिक्षा मंत्री और विस्तार से आपको जानकारी दे देंगे।

मातृ भाषा में प्राइमरी एजुकेशन देने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग यहां पर पहले से इसे किये हुए हैं। जिन भाषाओं को केंद्र सरकार से मान्यता मिली हुई है। हमलोग जब केंद्र सरकार में थे उसी समय कई भाषाओं को मान्यता मिली थी। अटल बिहारी वाजपेयी जी हमारे रेलवे से संबंधित एक कार्यक्रम में यहां आये थे तो वहीं पर लोगों ने इसको लेकर मांग की थी, जिसे अटल जी ने स्वीकार किया था। कई भाषाओं को केंद्र सरकार से ही मंजूरी मिली हुई है। जिन भाषाओं को मान्यता नहीं मिली है, उसको लेकर भी केंद्र सरकार से आग्रह किया जाता है ताकि उनको भी मान्यता मिल जाय।

इससे पहले सीएम ने राज्य के विभिन्न जिलों से आये 129 लोगों की फरियाद सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में बक्सर जिला के गंगौली से आये एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से कहा कि हमारे यहां अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति होने के बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है जबकि इसके लिए जमीन उपलब्ध है। रोहतास जिला के कोचस से आयी एक लड़की ने मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने की मुख्यमंत्री से शिकायत की, वहीं औरंगाबाद जिला के रफीगंज से आए एक व्यक्ति आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन ठीक ढंग से नहीं होने की शिकायत की।सारण जिला से आए एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि अब तक मुझे मुख्यमंत्री दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। मैं और मेरी पत्नी दोनों विकलांग हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बक्सर जिला के डुमरांव से आए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि कोरोना से उनके परिजन की मृत्यु पिछले साल हो गई लेकिन अभी तक मुआवजा की राशि नहीं मिल पायी है। वहीं बक्सर की एक महिला ने पति की कोरोना से मृत्यु होने पर मुआवजा की राशि नही मिलने की शिकायत की। जमुई जिला के बरहट से आए एक व्यक्ति ने पंचायत शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत की। वहीं वैशाली जिला के पतेढ़ी बेलसर के एक व्यक्ति ने आंगनबाड़ी की चयन प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत की।

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