दूसरे राज्यों की अपेक्षा उप्र में प्रति हेक्टयेर दोगुना हो रहा आम का उत्पादन : योगी आदित्यनाथ

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लखनऊ। आम की जब बात होती है, तो मुझे लगता है कि उप्र का वासी आम के गुणों से भलीभांति अवगत है। चटनी से लेकर पके हुए आम तक हर व्यक्ति को आम पूर्ण आहार प्रदान करता है। आम के किसानों ने देश व दुनिया के अंदर आम को आगे बढ़ाने का काम किया। आम का उत्पादन प्रति हेक्टेयर दोगुना करने में किसानों ने सफलता पाई है। अमीर व गरीब सबकी पहुंच आम तक है। यह सबके लिए सुलभ है, इसलिए इसका नाम ही “आम” हो गया। इसके लिए सभी विभागों को मिलकर आगे बढ़ाने की जरूरत है।

ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। वे लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम में आयोजित चार दिवसीय आम महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। प्रदेश के 75 जिलों से आये 800 सौ से ज्यादा आम की प्रजातियों की प्रदर्शनी लगायी गयी हैं।

इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों का सम्मान भी किया गया। महोत्सव में सम्मानित होने वालों में दया कृष्ण शर्मा, पुष्पा अदिती सिंह, शिव कुमार सिंह, प्रदीप कुमार, सचिन कुमार, दिनेश प्रताप सिंह, एससी शुक्ला आदि विशेष कार्य करने वाले किसानों का नाम शामिल है। कोविड संक्रमण काल के कारण दो साल तक आम महोत्सव नहीं हो पाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में आम तो देखे लेकिन आर्गेनिक आम यहां देखने को नहीं मिला। आज उत्पादकता के साथ ही क्वालिटी पर भी ध्यान देना जरूरी है। हमें प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ने का प्रयास करना चाहिए। हमें बीज से लेकर फल के वृक्ष तक आर्गेनिक की तैयारी करनी होगी। हमारा प्रयास अधितम प्रचार पर भी होना चाहिए। हम दुनिया के अंदर बाजार को टटोलें, जहां बागवान वहां तक अपने उत्पाद को भेज सके।

सूर्य प्रताप शाही ने कहा, 13 जनपद फल पट्टियों के रूप में हो रहे विकसित
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि देश के भीतर सर्वाधिक उप्र ने फलों व सब्जियों में एक स्थान बनाकर रखा है। उसमें आम का एक महत्वपूर्ण स्थान है। विगत वर्षों में 90 हजार हेक्टेयर फलों की बागवानी बढ़ी है। इस बात को ध्यान रखकर यहां अनेक कार्यक्रम कराये गये हैं। प्रति वर्ष हमलोग किसानों की आमदनी बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। कृषि की अपेक्षा हार्टिकल्चर में आमदनी बढ़ने की संभावना ज्यादा है। उसमें और ज्यादा सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। 13 जनपद ऐसे हैं, जिन्हें फल पटिटयों के रूप में विकसित किया गया है। बुंदेलखंड में भी केले की खेती को बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

उद्यानमंत्री ने कहा, अब उद्यानिकी विवि की जरूरत
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यहां नैफेड सहित तमाम विभागों ने अपना योगदान दिया है। उप्र में आम की उत्पादकता दूसरे राज्यों की अपेक्षा ज्यादा है। यहां दशहरी, लगंड़ा सहित तमाम प्रजातियां हैं। उद्यान विभाग इस समय हर किसान को सुविधा पहुंचाने के लिए घर-घर जा रहा है। इसके लिए सप्ताह में एक दिन निर्धारित कर दिया गया है। आज 22 जनपदों का दौरा कर चुका हूं। आज औद्योगिक खेती, उद्यानिकी खेती आय बढ़ाने के लिए बहुत जरुरी है। आज संस्थानों में तकनीकी जरूर है, लेकिन उसको किसानों तक पहुंचाना जरूरी है। यह काम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही कर सकते हैं। यहां अब औद्यानिकी विवि खोले जाने की जरूरत है।

12 सौ से ज्यादा किसान महोत्सव में
मुख्य सचिव दुर्गा प्रसाद मिश्र ने कहा कि आम फलों का राजा होता है। इसके उत्सव के रुप में शुरूआत हो रहा है। इसके लिए हम सभी आभारी हैं। इसमें 12 सौ से ज्यादा किसान व मध्य प्रदेश व उत्तराखंड भी भाग ले रहे हैं। यहां पर उद्यमी भी अपनी नई तकनीकी लेकर आये हैं।

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