New Delhi: प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पीके मिश्र ने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के साथ आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा के लिए दिल्ली में विभिन्न स्थलों का दौरा किया। प्रधान सचिव जी-20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों से संबंधित समन्वय समिति के अध्यक्ष भी हैं। जी-20 शिखर सम्मेलन के आयोजन से जुड़े सभी स्थानों की सजावट व सुरक्षा का जायजा लेने के बाद डॉ. पीके मिश्र ने कुछ सुझाव भी दिये।
भारत सरकार और विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm narendra modi) चाहते हैं कि एक स्मरणीय शिखर सम्मेलन की आवभगत के लिए योजना के अनुरूप सभी चीजें व्यवस्थित रहें। जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए आने वाले सभी राष्ट्राध्यक्षों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों को अपनी यात्रा के दौरान भारत की संस्कृति और विश्वस्तरीय अनुभव की झलक मिले। यह आयोजन ऐसा हो कि विश्व में भारत की साख और धाक जमे।
जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए राजघाट के बाहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दिल्ली के प्रमुख स्थानों और चौक-चौराहों का भी सौंदर्यीकरण किया गया है। भरत मंडपम में ‘शिव-नटराज’ की स्थापना की गई है। लगभग 20 टन वजनी, 27 फीट की नटराज आकृति को अष्ट-धातु से बने पारंपरिक कास्टिंग विधियों में तैयार किया गया है। प्रगति मैदान में शिखर सम्मेलन के लिए बनाये गये भरत मंडपम के सामने नटराज की सबसे ऊंची कांस्य प्रतिमा हैं।
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता और दिल्ली के उपराज्यपाल की नियमित निगरानी में नई दिल्ली क्षेत्र से लेकर एयरपोर्ट तक सौंदर्यीकरण अभियान चलाया गया। स्वच्छता अभियान के अतिरिक्त जगह-जगह पानी के मनमोहक फव्वारे लगाये गये हैं। देश की विविधता को दर्शाने के लिए शहर भर में बड़ी संख्या में मूर्तियां और पोस्टर लगाये गये हैं, जो यात्रियों और आगंतुकों के लिए मनोरम दृश्य के रूप में उभरे हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर जी-20 देशों के राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किये गये हैं।