वाराणसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत गुरुवार की शाम वाराणसी पहुंचे। बाबतपुर एयरपोर्ट पर संघ के काशी प्रांत के वरिष्ठ प्रचारकों ने उनकी अगवानी की। इसके बाद संघ प्रमुख डॉ भागवत एयरपोर्ट से कड़ी सुरक्षा के बीच तुलसीपुर महमूरगंज स्थित निवेदिता शिक्षा सदन आए। निवेदिता सदन में कुछ देर विश्राम के बाद उन्होंने काशी प्रांत के वरिष्ठ प्रचारकों से संघ के गतिविधियों पर चर्चा की।
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संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, पांच दिवसीय प्रवास में रात्रि विश्राम के बाद वो अगले दिन चार अप्रैल को प्रात: काल शाखा में भाग लेने के बाद काशी प्रांत के वरिष्ठ प्रचारकों और पदाधिकारियों के साथ दो बार में बैठक करेंगे। इसमें प्रांत और विभाग प्रचारक भी शामिल रहेंगे। इसी दिन शाम को सरसंघचालक बीएचयू आईआईटी के विद्यार्थियों से भी संवाद करेंगे। संवाद के बाद वो यहीं शाखा टोली से मिलेंगे। इसमें शिक्षक भी मौजूद रहेंगे। पांच अप्रैल को वो श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में पूर्वाह्न में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद वे काशी के प्रबुद्धजन संग भी अलग-अलग बैठक कर संवाद करेंगे। छह अप्रैल को संघ प्रमुख मलदहिया लाजपत नगर जाएंगे और शाखा में शामिल होंगे। इसके बाद शहर के प्रबुद्ध जनों से मिलेंगे। शाम को प्रांत टोली के साथ बैठक करेंगे। सात अप्रैल को लखनऊ के लिए प्रस्थान करने से पहले काशी प्रांत के अनुभवी कार्यकर्ताओं की टोली के साथ बैठक कर उनका मार्गदर्शन करेंगे। इसके बाद प्रांत टोली के साथ भी बैठक कर सकते हैं।
संघ प्रमुख डॉ भागवत वाराणसी से सात अप्रैल की शाम लखनऊ पहुचेंगे। लखनऊ में तीन दिन प्रवास करेंगे। संघ प्रमुख के प्रवास को देखते हुए निवेदिता शिक्षा सदन और आस-पास के इलाके में सुरक्षा का व्यापक प्रबंध किया गया है। माना जा रहा है कि संघ के शताब्दी वर्ष की तैयारी और आगामी कार्ययोजना पर मंथन होगा। खास बात यह है कि संघ प्रमुख अप्रैल माह में दो बार काशी आएंगे। वो 30 अप्रैल को भी काशी में होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आएंगे।