New Delhi: थाईलैंड (Thailand) की राजधानी में तीसरे विश्व हिंदू कांग्रेस (डब्ल्यूएचसी) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दुनियाभर के हिंदुओं से एक-दूसरे तक पहुंचने और दुनिया के साथ जुड़ने की अपील की। उन्होंने दुनियाभर के विचारकों, कार्यकर्ताओं, नेताओं और उद्यमियों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भौतिकवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद के प्रयोगों से लड़खड़ा रही दुनिया को भारत खुशी और संतुष्टि का रास्ता दिखायेगा। मोहन भागवत ने कहा कि हमें हर हिंदू तक पहुंचना है, जुड़ना है। हिंदू मिलकर दुनिया में हर किसी को जोड़ेंगे। जैसे-जैसे हिंदू अधिक संख्या में जुड़े हैं, दुनिया से जुड़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है। उन्होंने कहा कि दुनिया ने विशेष रूप से कोविड महामारी के बाद यह महसूस किया है और यह सोचने में एकमत है कि भारत खुशी और संतुष्टि का मार्ग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया लड़खड़ा रही है। दो हजार वर्षों तक उन्होंने खुशी, आनंद और शांति लाने के लिए कई प्रयोग किये हैं। उन्होंने भौतिकवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद की कोशिश की है। उन्होंने विभिन्न धर्मों को आजमाया है। उन्होंने भौतिक समृद्धि मान ली है। लेकिन कोई संतुष्टि नहीं है।
ये भी पढ़ें : –मुख्यमंत्री योगी ने किया 116 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण