पटना: राजभवन के राजेंद्र मंडप में बिहार में बुधवार शाम चार बजे नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। इनमें भाजपा कोटे से कृष्ण कुमार मंटू, विजय मंडल, राजू सिंह, संजय सरावगी, जीवेश मिश्रा, सुनील कुमार और मोतीलाल प्रसाद ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। खास बात यह रही कि मिथिलांचल के दो विधायक संजय सरावगी और जीवेश कुमार मिश्र ने मैथली भाषा में शपथ ग्रहण की।

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सबसे पहले दरभंगा से भाजपा विधायक संजय सरावगी ने शपथ ली। उन्होंने मैथिली में शपथ ग्रहण की। इसके बाद बिहार शरीफ से भाजपा विधायक सुनील कुमार ने शपथ ग्रहण की इसके बाद दरभंगा के जाले विधानसभा सीट से भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा, मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज विधानसभा सीट से भाजपा विधायक राजू सिंह व रीगा से विधायक मोती लाल ने मंत्री पद की शपथ ली। छठे नम्बर पर कृष्ण कुमार मंटू ने, जबकि सबसे अंत में विजय कुमार मंडल ने शपथ ग्रहण की।

नीतीश कुमार के कैबिनेट विस्तार में सिर्फ जातीय बल्कि ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय समीकरण का भी पूरा ध्यान रखा गया है। भाजपा कोटे से मंत्री पद की शपथ लेने वाले सभी विधायक बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों से आते हैं। ऐसे में उन क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व करने से निश्चित तौर पर इसका असर इसी साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है।

इसके पहले भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्य के राजस्व व भूमि सुधार मंत्री डा. दिलीप जायसवाल ने इस्तीफा दे दिया था। इसे लेकर बिहार के सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। लेकिन डा. दिलीप जायसवाल ने साफ किया कि पार्टी के एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत के चलते उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया है। साथ ही भाजपा कोटे से सात मंत्री बिहार सरकार में शामिल होने की रणनीति बनने लगी, जो कि शाम चार बजे शपथ भी हो गई।

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