बीजिंग/वाशिंगटन/नई दिल्ली। चीन में जानलेवा कोरोनो वायरस का कहर जारी है। कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या शनिवार सुबह तक 722 हो गई। यह आंकड़ा दो दशक पहले चीन-हांगकांग में सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) से मरने वालों से भी ज्यादा हो गया है। कोरोना वायरस और सार्स एक ही श्रेणी के वायरस हैं। 2002-2003 में चीन और हांगकांग में सार्स से करीब 650 नागरिकों की मौत हुई थी। इससे हांगकांग के अलावा दुनियाभर में 120 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
उधर, कोरोना वायरस से संक्रमण की वजह से जापान के बंदरगाह पर छोड़े गए जहाज में कई भारतीय भी फंसे हैं। अमेरिका ने कोरोना वायरस से प्रभावित चीन और अन्य देशों को इस महामारी से लड़ाई के लिए 10 करोड़ डॉलर की मदद की पेशकश की है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शुक्रवार को कहा है कि इस महामारी से लड़ाई के लिए यह प्रतिबद्धता अमेरिका के मजबूत नेतृत्व को प्रमाणित करती है।
भारतीय विदेशमंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को ट्वीट किया था कि कई भारतीय क्रू मेंबर्स और यात्री कोरोना वायरस की वजह से जहाज पर फंसे हैं। अब तक किसी की भी पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आई है। हम उन पर नजर बनाए हुए हैं। डब्ल्यूएचओ प्रमुख तेदरोस अदहानोम गेब्रेयसस चेतावनी दे चुके हैं कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने वाले मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों की दुनिया भर में कमी हो रही है। तेदरोस अदहानोम गेब्रेयसस ने शुक्रवार को जिनेवा में डब्ल्यूएचओ के कार्यकारी बोर्ड को बताया कि दुनिया सुरक्षा उपकरण की भारी कमी का सामना कर रही है।
इस बीच कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर भारत अपने लगभग सभी छात्रों को चीन के प्रभावित इलाकों से विशेष विमान से स्वदेश ले आया है। भारत सरकार ने चीन के वुहान शहर से भारत के तमाम पड़ोसी छात्रों को भी वहां से निकालने का संबंधित देशों को प्रस्ताव दिया है। विदेशमंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। भारत 31 जनवरी और 1 फरवरी को 654 छात्रों को चीन के वुहान शहर से स्वदेश वापस लाया था।
वैसे अभी भी चीन के वुहान में 80 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। इनमें से 70 लोगों ने स्वेच्छा से वहां रहने का फैसला किया है। 10 लोग ऐसे हैं जिन्हें वापस आने की इजाजत इसलिए नहीं दी गई है क्योंकि उनमें कोरोना वायरस के लक्षण देखे गए हैं।
चीन के स्वास्थ्य आयोग के अनुसार, कोरोना वायरस से शनिवार को 86 लोगों की मौत हो गई। 3399 नए मामले दर्ज किए गए। चीन में 34,500 मामलों की पुष्टि हो गई है। चीन के हुबेई प्रांत में दिसम्बर में कोरोना का पहला मामला सामने आया था। उसके बाद से अब तक चीन के 30 से ज्यादा शहरों को लॉकडाउन किया जा चुका है। हुबेई के वुहान शहर में करीब 5.6 करोड़ लोगों की आवाजाही पर रोक है।
इसके अलावा जापान के जहाज पर सवार करीब 61 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है। इनमें 28 जापान के, 11 अमेरिका के और कनाडा के सात यात्री हैं। जहाज पर 56 देशों के लगभग 3700 लोग हैं। इनमें 2,700 यात्री और 1,000 क्रू मेंबर्स हैं। जापान सरकार ने बाकी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को लगभग 14 दिनों तक जहाज पर ही रहने के लिए कहा है।
उधर, कोरोना का सबसे पहले खुलासा करने वाले 34 साल के वुहान के डॉक्टर की भी इसकी चपेट में आने से मौत हो गई। यह महामारी करीब 27 से ज्यादा देशों में फैल चुकी है। चीन के वुहान में कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए प्रशासन ने आक्रामक रवैया अपनाया है। पुलिस लोगों के घर में घुसकर जांच कर रही है।
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