तेजस्वी जी, अगर द्रोपदी मुर्मू मूर्ति है तो फिर राबड़ी देवी को किस श्रेणी में रखा जाएगा : अनुराधा

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सीवान। देश के अगले राष्ट्रपति के लिए चुनाव संपन्न हो चुके है । अब अगर राजनीतिक समीकरण की बात करे तो एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू की जीत पक्की है। देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहली बार एक सज्जन और शिक्षित आदिवासी महिला के पदस्थापना से पूरे देश में खुशी का माहौल है, लेकिन दुर्भाग्यवश बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता जी को इस बात से खुशी नहीं है कि देश पहली बार एक योग्य आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बनाने जा रहा है। उक्त बातें सीवान भाजपा की उपाध्यक्ष एवं सीवान नगर परिषद की पूर्व सभापति अनुराधा गुप्ता ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर के कहीं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी जी ने देश की भावी राष्ट्रपति को ” मूर्ति ” कह कर अपनी माता राबड़ी देवी सहित देश के सभी महिलाओं का अपमान किया है।

भाजपा नेत्री ने कहा कि तेजस्वी जी से मैं पूछना चाहती हूं कि उड़ीसा की मयूरभंज जिले के एक इंटर कॉलेज की व्याख्यता , स्थानीय नगरपालिका की पार्षद उड़ीसा विधानसभा की सर्वश्रेष्ठ विधायक एवं झारखंड के महामहिम राज्यपाल तक की राजनीतिक यात्रा पूर्ण करने वाली महिला अगर ””मूर्ति”” है तो सीधे रसोईघर से निकल कर मुख्यमंत्री बनने वाली उनकी माता जी को फिर क्या कहां जाएगा ?

भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने कहा कि तेजस्वी यादव अगर लालू यादव एवं राबड़ी देवी के बेटे नहीं रहते तो क्या यह संभव था कि राजनीति में इन्हें जो जगह मिली हुई है वह उन्हें आसानी से मिल जाती ?आज यदि यह परिवारवाद का तकाजा नहीं रहा होता तो क्या उनकी योग्यता, क्षमता और राजनीतिक कद सचमुच उतनी ऊंची हो जाती कि वे रघुवंश बाबू, जगदानंद सिंह,अब्दुल बारी सिद्दिकी , अवध बिहारी चौधरी अथवा रामचंद्र पूर्वे जैसे नेताओं की अनदेखी कर आगे बढ़ जाते।

उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष को पहले अपने बड़े भाई और माता जी के योग्यता और क्षमताओं को देखना चाहिए था, उसके बाद ही देश की भावी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू जी के संबंध में कोई बयान देना चाहिए था।

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