Sarhasa: रेलवे जंक्शन पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो वर्ष पूर्व उक्त बोर्ड रेलवे विभाग द्वारा स्थापित किया गया लेकिन यह स्थल आज उपेक्षित बन गया है।जहां रेल यात्री गंदगी फैला रहें है।वही रेल प्रशासन द्वारा कोई सुधि नही लिया जा रहा है।
शिक्षाविद सह मैथिली अभियानी दिलीप कुमार चौधरी एवं भारत के जाने माने पुरातत़्वविद डॉ फणीकांत मिश्र एवं प्रमिल मिश्र के अथक प्रयास से यह संभव हो सका। 2005 में अमान परिवर्तन के क्रम मे इससे पहले रेलवे द्वारा स्थापित बोर्ड को विस्थापित कर दिया गया था। जो कि इसी बोर्ड से मिलता-जुलता सीमेंट का था।अभी रख-रखाव के अभाव में उपेक्षित है।रेलवे विभाग को इसे संज्ञान में लेना चाहिए ताकि अपने विरासत की रक्षा सही तरीके से हो सके।
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उन्होंने कहा कि सहरसा में कई धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहर स्थल है।पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उन सभी स्थल का बोर्ड जंक्शन पर लगाने की मांग की है।ज्ञात हो कि रेलवे द्वारा विशेष रूप सें साफ-सफाई व स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।इसके लिए अत्याधुनिक उपकरण भी लगाई गई है।वही ऐतिहासिक धरोहर स्थल की जानकारी देने वाले इस बोर्ड के नीचे गंदगी को साफ-सफाई रखने की मांग की है।