Greater Noida: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ADITYANATH) ने गुरुवार को कहा कि आज उत्तर प्रदेश अपने पोटेंशियल (सामर्थ्य) को पहचान चुका है। नए एक्सप्रेस-वे, वाटर-वे और एयरपोर्ट के माध्यम से प्रदेश की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। विगत छह वर्षों में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य से निकलकर समृद्ध राज्य की ओर कदम बढ़ा चुका है। साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। अब अपने स्केल को स्किल में बदलकर नए भारत का नया उत्तर प्रदेश अपने आप को प्रस्तुत कर रहा है। यह इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश के उन भावनाओं का प्रतिनिधित्व कर रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM NARENDRA MODI) के मार्गदर्शन में पिछले 06 वर्षों के अंदर यूपी ने प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) की मौजूदगी में इंडिया एक्सपो सेंटर और मार्ट में आयोजित ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगले 05 दिन तक इस ट्रेड शो में कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस ट्रेड शो में 70 देशों के 70,000 से अधिक बिजनेस टू बिजनेस बायर्स रजिस्ट्रेशन हुए हैं। साथ ही दो हजार से अधिक एग्जिबिटर्स इसमें प्रतिभाग कर रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में ट्रेडर्स और बायर्स के इस ट्रेड शो में आने से प्रदेश के 96 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमियों को एक नई प्रेरणा मिलेगी। यह ट्रेड शो उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन और प्रस्तुत करने में सफल रहेगा।
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मुख्यमंत्री ने ट्रेड शो में आए ट्रेडर्स और बायर्स का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने परंपरागत कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। प्रदेश के सभी 75 जिलों के पास अपना यूनिक उत्पाद है। इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रदेश के ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना का संचालन कर रही है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश के 54 उत्पादों की जीआई टैगिंग हो चुकी है। योगी ने कहा पिछले 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने देश के कारीगरों और हस्तशिल्पियों को सम्मान देने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की थी। उन्हीं की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश पहले ही इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा चुका था।
कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री बृजेश सिंह समेत अन्य गणमान्य मौजूद थे।