वाराणसी : तीर्थंकर महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक पर निकली भव्य शोभायात्रा

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वाराणसी। जियो और जीने दो ,अहिंसा का संदेश देने वाले तीर्थंकर महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक पर गुरुवार को शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई । श्री दिगंबर जैन समाज काशी के तत्वावधान में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर श्री 1008 भगवान महावीर स्वामी की 2621 वी जयंती पर मैदागिन स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर से पूर्वांह में भगवान महावीर के विग्रह को चांदी के रथ पर विराजमान कराया गया। इसके बाद पुष्प वर्षा एवं मंगल ध्वनियों के बीच भव्य शोभा यात्रा निकाली गई ।

शोभायात्रा मैदागिन से प्रारंभ होकर बुलानाला , नीचीबाग , आसभैरव , चौक , ठठेरी बाजार होते हुए सोरा कुआँ पहुंची । चैत्र शुक्ल तेरस को पढ़ने वाली तीर्थंकर जयंती पर पूरे राह चैती “ धन-धन चैत की तेरस रामा भय महावीरा “ एवं भजनों की प्रस्तुति हुई । जिस सुसज्जित विशाल रथ पर आराध्य देव विराजमान थे ,उसे श्रद्धालु स्वयं खींच रहे थे। यात्रा में राजस्थान से आई भजन मंडली एवं महिलाओं ने धार्मिक भजनों को गाया। शोभायात्रा में ध्वज पताका , अहिंसा , परमो धर्म का बैनर , समाज का बैनर चल रहा था । बैंड पार्टिया धार्मिक धुन बजाकर माहौल को भक्तिमय बना रही थी । बच्चे घोड़ों पर सवार होकर चल रहे थे । भारी संख्या में महिलाएं सजे परिधानों में सामूहिक एवं भक्ति नृत्य कर अपनी आस्था प्रकट कर रही थी । शोभायात्रा में बड़ा रजत हाथी , चंवर गाड़ी , धूप गाड़ी , झंडी गाड़ी, रजत नालकी सभी को आकर्षित कर रही थी । इंद्रगण भगवान को चंवर डोला रहे थे । पुरुष पारंपरिक वेश में केसरिया दुपट्टा ओढ़े भगवान महावीर के संदेशों का गुणगान कर उद्घोष कर रहे थे । रास्ते में लोग पुष्प वर्षा के साथ तीर्थंकर की आरती एवं शोभायात्रा का स्वागत कर रहे थे ।

कई सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने रास्ते में शोभायात्रा का स्वागत किया । सोरा कुआँ पर आयोजित चैती के बाद तीर्थंकर महावीर के विग्रह को इंद्रों ने बड़े रजत रथ पर से उतार कर रजत नालकी पर विराजमान कराया। इसके बाद नालकी को कंधे से उठाकर ,”जय जय जिनेन्द्र देवकी , भवसागर नाव खेवकी” का उद्घोष करते हुए ग्वालदास साहुलेन स्थित श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर पहुँचे । वहाँ जन्मोत्सव की ख़ुशी में प्राचीन परंपराओं के साथ बधाई गीतों की प्रस्तुती हुई । शहनाई की मंगल ध्वनि के बीच घंटा घड़ियाल , ढोल , मंजीरे के साथ रजत पाण्डुक शिला पर भगवान को विराजमान कर इंद्रों ने 108 रजत कलशों से अभिषेक एवं विशेष पूजन किया ।

शोभा यात्रा में समाज के अध्यक्ष दीपक जैन , उपाध्यक्ष राजेश जैन , आर.सी. जैन , विनोद जैन , संजय जैन , अरुण जैन , विनय जैन ,तरुण जैन,रत्नेश जैन आदि शामिल रहे।