पटना। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने बुधवार काे नालंदा स्थित महाबोधि महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन एवं चारवर्षीय एकीकृत शिक्षा कार्यक्रम (आई.टी.ई.पी.) का उद्घाटन किया। नीतीश कुमार ने इस दौरान महाबोधि महाविद्यालय की शिक्षा एवं शोध को समर्पित वार्षिक पत्रिका ‘नव चेतना’ का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाबोधि महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ अरविंद कुमार ने की।
मौके पर नीतीश कुमार ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियां ही किसी समाज, राज्य या देश के विकास का वास्तविक पैमाना होती हैं। उन्होंने कहा कि विकसित और समृद्ध बिहार का रास्ता शिक्षित बिहार से होकर ही गुजरेगा। इसके बिना न्याय के साथ विकास की सोच को भी पूरी तरह धरातल पर नहीं उतारा जा सकता। यही कारण है कि पिछले दो दशकों में एनडीए सरकार के बजट का सबसे बड़़़ा हिस्सा शिक्षा के लिए रहा है।
नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में महाबोधि महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन को महाविद्यालय के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि यहाँ का आधुनिक एवं सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।
उन्होंने महाविद्यालय द्वारा प्रकाशित वार्षिक पत्रिका की सराहना करते हुए कहा कि यह अतीत, वर्तमान और भविष्य को एक साथ साधने का अच्छा प्रयास है।
समारोह में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय एवं शिक्षा जगत से जुड़़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें शिक्षा विभाग, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के समन्वयक डाॅ कमल नयन प्रसाद, दीपक शर्मा, प्रो सुधीर कुमार वर्मा, डाॅ कौशलेन्द्र कुमार, बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार, विधान परिषद् में सत्तारूढ़़ दल के उप-नेता ललन सर्राफ भी उपस्थित रहे।


