साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने में जुटी योगी सरकार, स्मार्ट सिटी के 159 परियोजनाएं जल्द होंगी पूरी

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लखनऊ। बड़े शहरों की सूरत जल्द बदली हुई नजर आएगी। इसके लिए शहर अब ज्यादा साफ-सुथरे दिखेंगे। यही नहीं 100 दिन के प्लान में शहरों में 1500 स्वयं सहायता समूहों के गठन का लक्ष्य रखा गया है। नगर विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्मार्ट सिटी के 159 परियोजनाओं का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

एक उच्चाधिकारी ने बताया कि शत-प्रतिशत घरों से कूड़ा उठाने के लक्ष्य के साथ ही सफाई व्यवस्था की रियल टाइम निगरानी करते हुए व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जाएगा। नगरीय निकाय अपने यहां आनलाइन सेवाओं का विस्तार करेंगे और गवर्नमेंट टू सिटीजन (जीटूसी) सर्विसेज का दायरा और बढ़ाएंगे।

स्मार्ट क्लासेज, सफाई, जलापूर्ति, पार्कों के सौंदर्यीकरण, मार्ग प्रकाश, सीवरेज, स्मार्ट सड़क, स्टेडियम, विरासत संरक्षण, आदि से नागरिकों का जीवन स्तर और सुधरेगा। इसके अलावा लखनऊ, अलीगढ़, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, कानपुर, झांसी व वाराणसी में कुल 99 परियोजनाओं का कार्य भी शुरू किया जाएगा। अमृत कार्यक्रम के तहत सीवरेज की 13 व पेयजल की 25 परियोजनाएं भी 100 दिनों के अंदर पूरी होकर जनता को समर्पित की जाएगी। आगरा, अलीगढ़, बरेली, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, मथुरा, मेरठ, फिरोजाबाद व शाहजहांपुर में शहरी नागरिकों को स्मार्ट तरीके से सुरक्षित, व्यवस्थित जनसुविधाएं देने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार शहरों में संचालित 1500 बसों की आनलाइन रियल टाइम निगरानी भी करेगी। इसके लिए एमआइएस पोर्टल एवं चलो एप भी लांच किया जाएगा। 14 शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, गाजियाबाद, मथुरा-वृंदावन, शाहजहांपुर, झांसी, मुरादाबाद, गोरखपुर, अलीगढ़ व बरेली के लिए 358 इलेक्ट्रिक बसें और खरीदने जा रही है। प्रदूषण रहित व आरामदायक इन एसी बसों के जरिए सार्वजनिक परिवहन और मजबूत होगा।

प्रदेश के 17 स्मार्ट सिटी 99 स्थानीय निकायों को गोद लेकर वहां के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराएंगे। लाइट हाउस प्रोजेक्ट में 1040 आवास हो पूर्ण हो जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास शहरी में 1.05 लाख नए आवास प्रारंभ होंगे जबकि 98,817 आवास पूर्ण कर लिए जाएंगे। शहरों में 20 कान्हा गोशालाओं का निर्माण कार्य पूरा होगा। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को आवास उपलब्ध कराने के लिए इन-सीटू स्लम पुनर्विकास योजना शुरू होगी। इसके अलावा 78 अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण कार्य पूरा होगा।