जामताड़ा। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन कानून (एमएमडीआर) राज्य के आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकार, सम्मान, अस्मिता और झारखंड के हितों से जुड़ा गंभीर विषय है। राज्य की खनिज संपदा से उसका भविष्य जुड़ा है और इसके अधिकारों को प्रभावित करने वाली किसी भी नीति का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
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दुलाडीह में बुधवार को आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड की धरती ने देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्य के जल, जंगल, जमीन और खनिज से लोगों के हित जुड़े हैं। उनका कहना था कि सरकारों को संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाली किसी भी पहल का विरोध किया जाएगा।
डॉ. अंसारी ने कहा कि कांग्रेस झारखंड के अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से पूरी ताकत के साथ लड़ेगी। उन्होंने बताया कि एमएमडीआर संशोधन कानून के खिलाफ 26 सितंबर को रांची में लोकभवन के समक्ष कांग्रेस की ओर से धरना आयोजित किया जाएगा। उन्होंने जनता, आदिवासी-मूलवासी समाज और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। कांग्रेस की ओर से 26 सितंबर को एमएमडीआर संशोधन के खिलाफ रांची में विरोध कार्यक्रम की घोषणा पहले भी की जा चुकी है।
सभा में मुखिया दिनेश, कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि निशापति हांसदा, भागीरथ पंडित सहित जनप्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद थे।



