फर्रुखाबाद। जिले में एशिया की सबसे बड़ी मंडी आलू की है, लेकिन इस बार किसानों को आलू का मूल्य अच्छा नहीं मिल रहा है। यहां तक की लागत भी नहीं निकल पा रही है। इसी को लेकर सोमवार को मंडी समिति में आलू किसान बचाओ आंदोलन के तहत जनसभा हुई। कलेक्ट्रेट तक रैली भी निकाली गई। इस दौरान मुख्यमंत्री से संबोधित ज्ञापन भी दिया गया जिसमें किसानों ने सात मांगे रखी। जनसभा में किसान आलू की माला पहन कर पहुंचे थे।
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जनसभा और रैली का आयोजन किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल के नेतृत्व में किया गया। सातनपुर मंडी समिति में जनसभा के दौरान आलू किसानों पर चर्चा की गई। इस दौरान जिले के अलावा दूसरे जनपदों से ट्रैक्टर ट्रालियों से किसान पहुंचे थे। दिए ज्ञापन में बताया गया किसानों को लगातार दो वर्षों से आलू के न के बराबर मूल मिलने के कारण फर्रुखाबाद सहित अन्य कहीं जनपदों में किसान अपनी बर्बादी से बेहद दुखी और परेशान है। वह गहरे आर्थिक शंकर से जूझ रहे हैं। उनके लिए यह एक बड़ी त्रासदी की तरह है। किसान कर्ज में डूब गए हैं ।उनके समस्त कार्य रुक गए हैं। अधिक उत्पादन अधिक नुकसान के फार्मूले पर चल रही कृषि व्यवस्था उनके लिए अभिशाप बन गई है। बताया कि जो सरकारी खरीद के लिए आलू के क्रय केंद्र खोले गए वहां किसानों का एक किलो आलू भी नहीं खरीदा गया, जिससे सरकार की योजनाओं पर किसानों का विश्वास उठ रहा है। इस दौरान ज्ञापन में शीत गृहों में भंडार आलू को संपूर्ण भंडारण शुल्क सरकार जमा करें। अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी आलू पर तत्काल मंडी टैक्स समाप्त किया जाए। हाइब्रिड आलू को एक हजार प्रति कुंतल चिप सोना हॉलैंड का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 प्रति कुंतल घोषित कर इससे कम भाव आने पर भाव अंतर योजना बनाकर पैसा किसानों को सरकार अदा करें। वर्तमान आलू की मंडी के संकट तक रेल का भाड़ा फ्री किया जाए। आलू किसानों के संपूर्ण कर्ज समाप्त करने कर्ज मुक्त किया जाए सहित सात प्रमुख मांगे रखीं। इस दौरान किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल, प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार, आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला, महामंत्री शीत ग्रह संघ मनोज रस्तोगी, प्रवीण कटियार मंडल उपाध्यक्ष किसान आंदोलन अरविंद राजपूत जिला अध्यक्ष हर्ष गंगवार व्यापार मंडल से सर्वेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।



