बक्सर। जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। रविवार को प्रभारी सचिव, बक्सर-सह-सचिव, ऊर्जा विभाग ने जिला पदाधिकारी साहिला एवं अन्य वरीय अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने जलस्तर, प्रभावित आबादी तथा राहत-बचाव की तैयारियों का जायजा लेने के साथ ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
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आपदा प्रबंधन शाखा के अनुसार जिले के पांच प्रखंडों की 12 पंचायतों के 24 गांव प्रभावित हैं और करीब 9,989 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राहत एवं बचाव के लिए 36 नावें और चार बोट एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 853 पॉलीथिन शीट वितरित की गई हैं। एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीम भी तैनात है।
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को राहत-बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। नाव, नाविक और गोताखोरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखने को कहा गया है। बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों को जलस्तर की लगातार निगरानी तथा तटबंधों और संवेदनशील स्थलों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया।
जिला स्तर पर 24 घंटे संचालित जिला आपातकालीन संचालन केंद्र तथा डुमरांव अनुमंडल के नियंत्रण कक्ष के माध्यम से स्थिति की निगरानी की जा रही है। प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
सिविल सर्जन को आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा दल तैनात करने, जबकि पशुपालन विभाग को प्रभावित पशुपालकों के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल कोई राहत केंद्र, सामुदायिक रसोई या चिकित्सा-पशु चिकित्सा शिविर संचालित नहीं है और विस्थापित आबादी शून्य दर्ज की गई है। प्रशासन ने सभी विभागों को समन्वय के साथ किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।



