सहरसा। सदर अस्पताल में खबर संकलन के दौरान प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ मारपीट, गाली-गलौज एवं लूटपाट की घटना के विरोध में जिले के पत्रकार अब सड़क पर उतरेंगे।
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जिला पत्रकार संघ ने घटना को पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला बताते सोमवार को प्रतिरोध मार्च निकालने का निर्णय लिया है। सुबह 10 बजे वीर कुंवर सिंह चौक से समाहरणालय तक पत्रकारों का मार्च होगा।
इसके बाद जिला प्रभारी मंत्री सह शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, डीआईजी डॉ. कुमार आशीष, जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की जायेगी।
इसको लेकर रविवार को डीबी रोड स्थित जिला परिषद के पूजा रिसोर्ट में संघ की हुई बैठक में पत्रकारों ने घटना पर तीखा आक्रोश जताया। संघ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जायेगा।
इसके तहत धरना, विरोध प्रदर्शन और प्रशासनिक खबरों के बहिष्कार जैसे कदम उठाये जाने की चेतावनी दी गयी है।संघ के प्रस्तावित ज्ञापन में पत्रकार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर नामजद आरोपितों के साथ अन्य संलिप्त लोगों की पहचान, गिरफ्तारी एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गयी है।साथ ही सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ एसके आजाद, अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी, डॉ रौशन लाल, डॉ नीरज कुमार नीरव, डॉ नफीज सोहेल एवं कर्मी मो रफीक को तत्काल हटाने की मांग की गयी है।
संघ ने अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी के कार्यकाल में हुए वित्तीय क्रियाकलापों एवं उनकी नियुक्ति की भी जांच कराने की मांग की है।ज्ञापन में कहा कि 12 सितंबर को खबर संकलन के दौरान पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ मारपीट, गाली-गलौज एवं लूटपाट की गयी।उन्हें ऑपरेशन थियेटर स्थित एक कमरे में बंद कर मारपीट की गयी।जिससे वे घायल हुए एवं उन्हें उपचार कराना पड़ा।
बैठक में पत्रकारों ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार के साथ अस्पताल परिसर में इस तरह की घटना बेहद गंभीर है। इससे ना केवल पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा होता है। बल्कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के अधिकार को भी चुनौती मिलती है। संघ ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों की पहचान एवं शीघ्र कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संघ ने दो टूक कहा कि कार्रवाई में टालमटोल हुई तो पत्रकारों का आंदोलन अस्पताल की घटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चरणबद्ध तरीके से व्यापक रूप लेगा।


