पश्चिमी सिंहभूम। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र में पिछले करीब 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश, तेज ठंडी हवाओं और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। गुवा, किरीबुरू, मेघाहातुबुरु और आसपास के पहाड़ी इलाकों में मौसम खराब रहने के कारण सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। बाजारों में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा चहल-पहल कम रही। बारिश के बीच स्कूली बच्चे छाता और रेनकोट के सहारे स्कूल जाते दिखाई दिए।
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लगातार बारिश से शुक्रवार को गुवा-बड़ाजामदा मुख्य मार्ग पर बोकना गांव स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के समीप कारो नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी पर बनी लोहा पुलिया पूरी तरह जलमग्न हो गई है और उसके ऊपर से पानी बह रहा है। इससे मार्ग पर आवागमन करने वाले लोगों और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से पानी के तेज बहाव के बीच पुलिया पार नहीं करने तथा नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
इधर, चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से तेज हवाओं और बारिश के कारण सेल की नगरी किरीबुरू और मेघाहातुबुरु में विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई है। सेल विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार नोवामुंडी ग्रिड और बोकना के समीप विद्युत लाइन में दो स्थानों पर इंसुलेटर पंचर अथवा टूटने से आपूर्ति ठप हुई है। तकनीकी टीम दोनों स्थानों पर मरम्मत में जुटी है। जय गुरु आश्रम के पास लाइन पर गिरी पेड़ की डाली को भी कर्मचारियों ने हटाया।
सारंडा के जंगलों में तेज हवाओं से दर्जनों पेड़ गिरने से कई जगह सड़कें बाधित हुईं। थोलकोबाद घूमने गए पर्यटक जुम्बईबुरु और करमपदा के पास पेड़ गिरने से घंटों फंसे रहे। वन विभाग की टीम ने पेड़ काटकर रास्ता साफ कराया, जिसके बाद आवागमन बहाल हुआ। मौसम अनुकूल रहने पर शुक्रवार दोपहर तक किरीबुरू और मेघाहातुबुरु में बिजली आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद जताई गई है।



