Ranchi/New Delhi : इस साल रक्षाबंधन के पर्व पर एक खास खगोलीय संयोग बन रहा है। शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन मनाया जाएगा और इसी दिन साल का अंतिम चंद्र ग्रहण भी पड़ेगा। हालांकि भारत में रहने वाले लोगों के लिए राहत की बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण देश में दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित पंचांग नियमों के अनुसार, ग्रहण के भारत में दृश्य न होने के कारण सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
यह भी पढ़े : जिले के 2,194 महिला लाभुकों को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की प्रथम किस्त की राशि का अंतरण
भारत में नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण
28 अगस्त को लगने वाला ग्रहण आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। खगोलीय समय के अनुसार, इसकी शुरुआत भारतीय समयानुसार सुबह करीब 6:54 बजे उपछाया चरण से होगी। आंशिक ग्रहण लगभग 8:04 बजे शुरू होगा और इसका चरम करीब 9:43 बजे रहेगा। आंशिक चरण लगभग 11:21 बजे समाप्त होगा, जबकि उपछाया चरण दोपहर करीब 12:30 बजे तक रहेगा। लेकिन इस पूरे समय भारत में चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा, इसलिए देश में ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
क्या भारत में लगेगा सूतक काल?
चंद्र ग्रहण के दौरान आमतौर पर धार्मिक परंपराओं में सूतक काल का विशेष महत्व माना जाता है। कई परंपराओं में चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल माना जाता है, लेकिन 28 अगस्त 2026 के ग्रहण के लिए भारत में सूतक काल लागू नहीं माना जा रहा है, क्योंकि यह ग्रहण यहां दिखाई ही नहीं देगा। ऐसे में मंदिरों के बंद होने या रक्षाबंधन की पूजा और राखी बांधने पर ग्रहण संबंधी रोक की स्थिति नहीं होगी।
रक्षाबंधन पर क्या पड़ेगा असर?
रक्षाबंधन का पर्व श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर मनाया जाता है और इस बार पूर्णिमा के दिन ही चंद्र ग्रहण का संयोग बन रहा है। बावजूद इसके, भारत में ग्रहण दृश्य नहीं होने के कारण रक्षाबंधन के आयोजन पर इसका प्रभाव नहीं माना जा रहा है। बहनें सामान्य रूप से धार्मिक परंपराओं और स्थानीय पंचांग के अनुसार भाइयों को राखी बांध सकती हैं।
किन देशों में दिखाई देगा ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप तथा अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इसे देखा जा सकेगा। ग्रहण के चरम पर चंद्रमा का बड़ा हिस्सा पृथ्वी की छाया में होगा, इसलिए इसे एक गहरे आंशिक चंद्र ग्रहण के रूप में देखा जाएगा।
एक नजर में चंद्र ग्रहण
रक्षाबंधन: 28 अगस्त 2026, शुक्रवार
चंद्र ग्रहण: 28 अगस्त 2026
ग्रहण का प्रकार: आंशिक चंद्र ग्रहण
भारत में दृश्यता: नहीं
भारत में सूतक काल: मान्य नहीं
आंशिक ग्रहण शुरू: सुबह करीब 8:04 बजे
ग्रहण का चरम: सुबह करीब 9:43 बजे
आंशिक ग्रहण समाप्त: सुबह करीब 11:21 बजे
इस तरह रक्षाबंधन और चंद्र ग्रहण एक ही दिन होने के बावजूद भारत में ग्रहण दिखाई न देने के कारण सूतक काल को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है और रक्षाबंधन की परंपराएं सामान्य रूप से निभाई जा सकेंगी। स्थानीय पंचांग या पारिवारिक परंपरा के अनुसार राखी बांधने का शुभ समय अलग से देखा जा सकता है।



