रांची: बीते कई वर्षों से हिन्दू जागरण मंच द्वारा 25 दिसंबर को सामूहिक तुलसी पूजा होते आ रहा है। इस वर्ष हिन्दू जागरण मंच ने ये सुनिश्चित किया कि प्रत्येक सनातनी तुलसी पूजन अपने परिवार के साथ अपने घर के आंगन में करे।
हिंदू जागरण मंच ने 25 दिसंबर 2025 को देशभर में तुलसी पूजन दिवस मनाने का एक सार्थक प्रयास किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सनातनी संस्कृति को बढ़ावा देना और विशेष रूप से युवा पीढ़ी को अपने पारंपरिक मूल्यों से जोड़ना है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं हिंदू जागरण मंच के उत्तर- पूर्व क्षेत्र एवं पूर्व क्षेत्र आठ प्रांत के संगठन मंत्री डॉ सुमन कुमार ने कहा- भारतीय संस्कृति में चार माताएं है, गौ माता, गंगा माता, तुलसी माता और अपनी जन्म देने वाली माता, तुलसी सिर्फ एक पौधा नहीं बल्कि एक देवी है जिन्हें माता का दर्जा दिया गया है और उनकी पूजा से आध्यात्मिक एवं भौतिक लाभ मिलते हैं ,हर हिंदू घर में तुलसी का पौधा हो और पूजन भी हो क्योंकि तुलसी एक पौधा नहीं बल्कि घर का एक पूजनीय सदस्य है जिसे प्रतिदिन जल ,दीपक और मंत्र के साथ पूजा जाता है!

डॉ सुमन कुमार ने कहा अभी तक तुलसी पूजन सार्वजनिक होता था लेकिन इस बार से हर हिंदू के घर में तुलसी पूजन मनाए जाने लगा झारखंड प्रदेश में तुलसी पूजन दिवस इस वार विभिन्न जिलों में उत्साह पूर्वक मनाया गया , विशेष रूप से रामगढ़, पाकुड़ साहिबगंज, जामताड़ा, देवघर ,चाईबासा, रांची महानगर , ग्रामीण में रातू चट्टी, मांडर, बुडमू, नगडी, दलादेली, बीआई टी मिश्रा, विकास , लोधमा, ठाकुरगांव आदि शामिल है!

डॉ सुमन कुमार ने जोर देकर कहा हिंदू धर्म में तुलसी पूजन का आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व है इसे केवल एक पौधा नहीं बल्कि साक्षात लक्ष्मी का रूप माना जाता है!

धार्मिक मान्यता के अनुसार-
1जहां तुलसी का पौधा होता है वहां मां देवी लक्ष्मी का वास होता है!
2 नकारात्मक ऊर्जा का नाश: घर में तुलसी का पौधा रहने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है!
3 भगवान विष्णु की पूजा तुलसी दल( पत्तों) के बिना अधूरी मानी जाती है!
डॉ सुमन कुमार ने सभी हिंदू समाज से आग्रह किया है हिंदू पहचान जो धार्मिक कार्य के लिए विलुप्त होता जा रहा है, इसलिए हिंदू जागरण मंच ने प्रत्येक सनातनी के घर घर में इस प्रकार का कार्यक्रम हो ताकि जन-जन के दिल में राष्ट्र प्रेम जागे एवं सनातन का भाव बने
इस प्रकार झारखंड प्रदेश में इस बार तुलसी पूजन का सराहनीय प्रयास रहा।


