बिहारशरीफ। जिले में बिंद थाना क्षेत्र अंतर्गत बाजार इलाके में स्थित एक निजी क्लीनिक में ऑपरेशन से प्रसव के दौरान बुधवार की रात जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने गुरुवार की सुबह सड़क जाम कर हंगामा करने लगे।
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परिवार के लोग ऑपरेशन में लापरवाही से मौत बता रहे हैं। मौत के बाद संचालक-कर्मी फरार हो गया है। बताया जाता है कि सरकारी अस्पताल से एक आशा कर्मी गर्भवती को बहला फुसलाकर कर निजी क्लिनिक ले गई थी जहां मोटी रकम लेकर ऑपरेशन किया गया यही नहीं मौत के बाद प्रसूता की हालत गंभीर बता कर चार घंटे उसे एंबुलेंस में घुमाया भी गया। मृतका की पहचान बिंद थाना क्षेत्र के खानपुर गांव निवासी सचिन कुमार की 19 वर्षीय पत्नी सोनम कुमारी है।
इस महिला का यह पहला प्रसव था।मृतका की सास निर्मला देवी ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उनके बेटे की शादी हुई थी। बुधवार की शाम प्रसव पीड़ा होने पर सोनम को बिंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां इलाज शुरू हुआ। इसी दौरान एक आशा कर्मी वहां पहुंची और सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज नहीं होने की बात कहकर निजी क्लीनिक में डिलीवरी कराने की सलाह दी।
परिजन उसकी बातों में आ गए और महिला को बाजार स्थित ऊषा नर्सिंग होम ले जाया गया।नर्सिंग होम में डॉक्टर ने ऑपरेशन की जरूरत बताई और 25 हजार रुपये की मांग की। जब परिजन उसे दूसरी जगह ले जाने लगे तो कर्मियों ने भरोसा दिलाया कि किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। आरोप है कि गलत तरीके से ऑपरेशन किए जाने के कारण जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। मौत के बाद प्रसूता की हालत को नाजुक बताकर शव को चार घंटे तक एंबुलेंस में घुमाया गया।
बिंद अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर उमाकांत ने बताया कि संबंधित आशा कर्मी की पहचान की जा रही है। अवैध रूप से संचालित निजी क्लीनिक को पूर्व में भी नोटिस दिया गया था। ऐसे सभी क्लीनिकों की दोबारा जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।बिंद थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि परिजनों के आवेदन के आधार पर मामले की छानबीन की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया गया है।






