रांची। झारखंड को औद्योगिक शक्ति बनाने के साथ-साथ राज्य के मानव संसाधन को सशक्त करने के उद्देश्य से जिंदल फाउंडेशन ने झारखंड सरकार के साथ शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक साझेदारी का प्रस्ताव रखा है।
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मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इस संबंध में लंदन में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में गए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के समक्ष जिंदल फाउंडेशन ने अपनी ‘अभिरुचि की अभिव्यक्ति’ (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) प्रस्तुत की है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रस्तावित साझेदारी के तहत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा।
इन क्षेत्रों में होगी साझेदारी सार्वजनिक नीति और जलवायु परिवर्तन पर शोध: पूर्वी भारत की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जिंदल फाउंडेशन सार्वजनिक नीति, कानून और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर शैक्षणिक सहयोग करेगा। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय छात्रों को समावेशी और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा से जोड़ना है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना: आईआईटी-आईएसएम धनबाद, बीआईटी सिंदरी सहित राज्य के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से एक रिसर्च सेंटर की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र स्टील सेक्टर, खनिज प्रसंस्करण और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देगा।
हाशिए पर रहने वाले मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति: राज्य सरकार और जिंदल फाउंडेशन के बीच 50:50 लागत साझाकरण के आधार पर एक संयुक्त छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके तहत वंचित वर्गों और छात्राओं को कानून, सार्वजनिक नीति और प्रबंधन में उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसमें खेल-आधारित छात्रवृत्तियां भी शामिल होंगी, जिससे होनहार खिलाड़ियों की पढ़ाई आर्थिक कारणों से बाधित न हो।
प्रशासनिक अधिकारियों का क्षमता निर्माण: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के तहत चयनित लगभग 30 प्रशासनिक एवं पुलिस सेवा अधिकारियों के लिए वर्ष में दो बार विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य शासन और सेवा वितरण प्रणाली में वैश्विक मानकों को अपनाना है।
जिंदल फाउंडेशन ने कहा कि झारखंड, विशेषकर रामगढ़ और पतरातू, एक बड़े स्टील हब के रूप में उभर रहा है, जिससे राज्य में कुशल मानव संसाधन की मांग तेजी से बढ़ रही है। फाउंडेशन इस मांग को पूरा करने और राज्य के मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।






