पश्चिमी सिंहभूम। पश्चिमी सिंहभूम जिले में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े चालक एवं कर्मचारी गुरुवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन पर उतर आए। कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के समीप धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया और बकाया मानदेय के भुगतान की मांग की।
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108 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र महतो ने बताया कि झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन वर्तमान में पटना स्थित सम्मान फाउंडेशन के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन माह से राज्यभर के चालकों और कर्मचारियों को मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारियों ने एंबुलेंस सेवाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि जिले की जरूरत के अनुरूप एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हैं। वर्तमान में सीमित संख्या में वाहन ही संचालित हो रहे हैं और उनमें से कई तकनीकी खराबियों से जूझ रहे हैं। चालकों के अनुसार कई एंबुलेंस थोड़ी दूरी तय करने के बाद ही खराब हो जाती हैं, जिससे आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती हैं।
संघ के सचिव राजेश गोप ने बताया कि वाहनों की मरम्मत समय पर नहीं कराई जाती और ईंधन उपलब्ध कराने में भी लगातार देरी होती है। कई बार डीजल के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे एंबुलेंस संचालन प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी का असर मरीजों और सड़क दुर्घटना के घायलों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि 108 सेवा का कॉल सेंटर रांची से संचालित होता है और कई बार सूचना देर से प्राप्त होती है। ऐसे में हर देरी या समस्या के लिए चालक कर्मियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
धरना-प्रदर्शन में जिले के 30 से अधिक चालक और कर्मचारी शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों के समाधान तक उनका विरोध जारी रहेगा।




