गोड्डा। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, परसपानी की शैक्षणिक और चिकित्सकीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में परसपानी होम्योपैथिक कॉलेज में कार्यरत पांच शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदाधिकारियों की सेवा अवधि बढ़ाई जाएगी।
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मंत्री ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कॉलेज प्रशासन ने विभाग को पत्र भेजकर संस्थान में कार्यरत पांच पदाधिकारियों की सेवा निरंतरता और अनुबंध अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है। इन पदाधिकारियों का अनुबंध 29 अगस्त 2026 को समाप्त होने वाला है।
अनुबंध अवधि बढ़ाए जाने वाले पदाधिकारियों में डॉ. राजीव रंजन (प्रवाचक), डॉ. अभिषेक कुमार गोलू और डॉ. सुषमा हांसदा (होम्योपैथिक चिकित्सा पदाधिकारी) तथा डॉ. मुकेश कुमार और डॉ. हेमलता हेम्ब्रम (अवासी चिकित्सा पदाधिकारी) शामिल हैं।
इरफान अंसारी ने कहा कि परसपानी होम्योपैथिक कॉलेज संताल परगना के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान है। विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुभवी मानव संसाधन की निरंतर उपलब्धता संस्थान के सुचारू संचालन और विद्यार्थियों के नियमित पठन-पाठन के लिए आवश्यक है।
मंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों और चिकित्सकीय पदाधिकारियों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ता है। इसलिए संस्थान में आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री ने कहा कि जल्द ही वह स्वयं परसपानी होम्योपैथिक कॉलेज का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान शिक्षण व्यवस्था, चिकित्सकीय सेवाओं, मानव संसाधन, आधारभूत सुविधाओं और विद्यार्थियों की समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली जाएगी। निरीक्षण के बाद संस्थान में मौजूद कमियों को चिह्नित कर उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक ठोस कदम उठाए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कॉलेज में विद्यार्थियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले तथा अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध हों।





