पूर्णिया। जिले में दंगा, उपद्रव, उग्र प्रदर्शन एवं साम्प्रदायिक तनाव जैसी आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ‘जिला एंटी रायट फोर्स’ (District Anti Riot Force-DARF) का गठन किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों में इस विशेष बल के गठन का निर्णय लिया है। किसी गंभीर कानून-व्यवस्था की घटना की सूचना मिलने के 20 मिनट के भीतर DARF को घटनास्थल के लिए रवाना करने की व्यवस्था होगी।
यह भी पढ़े : पीएम सूर्य घर योजना को लेकर बीडीओ ने की तीन अलग-अलग बैठकें
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के अनुसार पूर्णिया को श्रेणी ‘B’ में रखा गया है। जिले में DARF की एक कंपनी गठित होगी और छह वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। जिला स्तर पर इस विशेष दस्ते के प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) होंगे। वे बल की तैनाती, अनुशासन, प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता तथा कार्रवाई से संबंधित अभिलेखों के संधारण के लिए जिम्मेदार होंगे।
DARF में प्रशिक्षित पुलिस पदाधिकारियों और जवानों के साथ महिला पुलिसकर्मी, लाठी दस्ता, अश्रु गैस दस्ता, सशस्त्र बल, चिकित्सा एवं एंबुलेंस सहायता दल, वीडियोग्राफी कर्मी, संचार कर्मी, रिजर्व बल और वायरलेस ऑपरेटर शामिल होंगे। एक कंपनी में तीन प्लाटून होंगे और प्रत्येक प्लाटून में 47 पुलिसकर्मियों की तैनाती का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक कंपनी को एक बस एवं एक ट्रक सहित कुल छह वाहन मिलेंगे।
मेरठ में प्रशिक्षित होंगे ट्रेनर
DARF के चयनित प्रशिक्षकों को Rapid Action Force Academy for Public Order (RAPO), मेरठ में ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ दिया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षित पदाधिकारी जिला पुलिस केंद्रों में DARF के जवानों को एक माह का विशेष प्रशिक्षण देंगे। बल की दक्षता और तत्परता बनाए रखने के लिए प्रत्येक तीन माह पर एक सप्ताह का रिफ्रेशर प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा।
बिहार में बनेंगी 49 कंपनियां, 294 वाहन होंगे उपलब्ध
पुलिस मुख्यालय ने जिलों को A, B और C श्रेणी में बांटते हुए राज्यभर में 49 DARF कंपनियों और 294 वाहनों का प्रावधान किया है। पूर्णिया के अलावा मधेपुरा, नालंदा, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, वैशाली, सीतामढ़ी, सीवान, गोपालगंज, सहरसा, सुपौल, कटिहार, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर, जमुई और खगड़िया को भी श्रेणी ‘B’ में रखा गया है।
किसी दंगा, उपद्रव अथवा गंभीर कानून-व्यवस्था संबंधी घटना की सूचना मिलते ही जिला नियंत्रण कक्ष से संदेश प्रसारित किया जाएगा और 20 मिनट के भीतर विशेष दस्ता रवाना होगा। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद DARF वरीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति नियंत्रित करने, आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बहाल रखने की कार्रवाई करेगा।



