Ranchi: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राज्य के करीब 6.30 लाख पंजीकृत कार्डधारकों में से अपात्रों को हटाने की प्रक्रिया जारी है। निर्धारित समय सीमा तक सरकार ने करीब 26 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है, जिसके तहत 1.63 लाख ऐसे लोगों की पहचान की गई है जो नियम विरुद्ध जाकर सरकारी राशन का लाभ ले रहे थे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुफ्त या रियायती राशन केवल जरूरतमंदों के लिए है। इन श्रेणियों में आने वाले लोगों के नाम राशन सूची से स्वत: या जांच के बाद हटाए जा रहे हैं। ऐसे लोग जो पिछले छह महीनों से अपने हिस्से का राशन नहीं उठा रहे हैं, नौकरीपेशा वाले लोग या जिनके वेतन से पीएफ कट रहा है, फिर भी वे गरीब कल्याण योजना का लाभ ले रहे थे।पोस्टल सर्विस की जांच में 808 संदिग्ध नाम सामने आए हैं।
अपात्रों की पहचान के लिए विभाग ने एक विशेष ट्रैकिंग सिस्टम तैयार किया है। इसके जरिए कार्डधारकों के हालिया राशन उठाव और वित्तीय रिकॉर्ड की डिजिटल जांच की जा रही है। साथ ही, वन नेशन वन कार्ड व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि सही लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से में मौजूद सरकारी राशन दुकान से अनाज ले सकें। सरकार की मंशा यह सुनिश्चित करना है कि हकदार को उसका पूरा अधिकार मिले और फर्जीवाड़ा पूरी तरह समाप्त हो।



