पश्चिमी सिंहभूम। पश्चिमी सिंहभूम जिले में डेंगू संक्रमण की रोकथाम को लेकर उपायुक्त मनीष कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को सघन निगरानी और प्रभावी नियंत्रण अभियान चलाने का निर्देश दिया है। गुरुवार को जिला समाहरणालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने चिकित्सा पदाधिकारियों को डेंगू की रोकथाम, संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच और उपचार के साथ-साथ लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
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उपायुक्त मनीष कुमार ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य कर्मी क्षेत्र में लगातार निगरानी रखें और घर-घर जाकर लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देना तथा नियमित साफ-सफाई बेहद जरूरी है। उन्होंने कूलर, गमले, पानी की टंकी, बाल्टी, ड्रम, पुराने टायर, टूटे बर्तन और अन्य जलपात्रों की नियमित सफाई सुनिश्चित कराने को कहा।
मनीष कुमार ने संदिग्ध मरीजों की पहचान में तेजी लाने और उन्हें समय पर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द तथा त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह ली जानी चाहिए। गंभीर लक्षण वाले मरीजों को बिना देरी किए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में 11 सितंबर को आयोजित होने वाले स्वैच्छिक रक्तदान शिविर की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिले में सदर अस्पताल चाईबासा, अनुमंडल अस्पताल चक्रधरपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंदगांव, गोईलकेरा, झींकपानी और तांतनगर में रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। उपायुक्त ने सभी केंद्रों पर रक्तदाताओं के पंजीकरण, चिकित्सकीय जांच, रक्त संग्रह और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था समय पर पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्वस्थ एवं पात्र नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं से रक्तदान शिविर में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
बैठक में सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, सिविल सर्जन, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी तथा क्षेत्रीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।


