पश्चिमी सिंहभूम। समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चल रही 10 करोड़ नशामुक्त भारत अभियान बस यात्रा गुरुवार को चाईबासा पहुंची। ब्रह्माकुमारीज मेडिकल विंग और भारत सरकार के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के संयुक्त प्रयास से गृह मंत्रालय के साथ हुए समझौते के तहत संचालित इस अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
यह भी पढ़े : ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को जनसंकल्प बनाएगा ‘सेवा संकल्प अभियान’ : मुख्यमंत्री योगी
चाईबासा पहुंचने पर यात्रा का पहला स्वागत रुंगटा हाउस में प्रसिद्ध व्यवसायी और समाजसेवी मुकुंद रुंगटा ने किया। उन्होंने कहा कि चाईबासा में नशामुक्त भारत बस यात्रा का पहुंचना खुशी और उल्लास का विषय है। इस अभियान के माध्यम से शहरवासियों को नशामुक्ति के प्रति महत्वपूर्ण जानकारी और प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने यात्रा की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
इसके बाद बस यात्रा चाईबासा जेल पहुंची, जहां 600 से अधिक बंदियों ने नशे से दूर रहने का सामूहिक संकल्प लिया। अभियान दल ने शहर के विभिन्न विद्यालयों में भी विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। डीएवी चाईबासा, रुंगटा विद्यालय, पद्मावती जैन विद्यालय, स्कॉट गर्ल्स मध्य एवं उच्च विद्यालय तथा बंगाली विद्यालय सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।
चाईबासा नगर निगम में वार्ड पार्षदों की मौजूदगी में नशामुक्ति का संदेश दिया गया। इसके बाद राजस्थान भवन में मारवाड़ी महिला मंच ने यात्रा का स्वागत किया। जिला बार संघ में अधिवक्ताओं के बीच भी नशामुक्त समाज बनाने का संदेश पहुंचाया गया। शाम को आइंस्टीन कोचिंग और डू द मैथ कोचिंग के विद्यार्थियों ने भी नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।
अभियान की आयोजक एवं ब्रह्माकुमारीज जमशेदपुर क्षेत्र की निदेशक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर असीम शक्ति मौजूद है। जब इंसान अपनी आंतरिक शक्ति को पहचान लेता है तो वह किसी भी बुरी आदत को छोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ना कठिन जरूर लग सकता है, लेकिन आत्मबल और परमात्म शक्ति के सहारे इससे मुक्ति संभव है। यह यात्रा केवल जागरूकता का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों को नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाने का प्रयास है।
संस्था ने चाईबासा के लोगों से केंद्र में पहुंचकर निःशुल्क नशामुक्ति, तनावमुक्ति और राजयोग ध्यान का लाभ लेने की अपील की। अभियान का संदेश है—एक संकल्प, नशामुक्त जीवन, स्वस्थ परिवार और सशक्त भारत।


