जामताड़ा। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मतदाता सूची से नाम हटाने के कथित प्रयास को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि फॉर्म-7 के माध्यम से करीब 41 हजार मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने इसे बड़ी साजिश करार देते हुए निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन से फॉर्म-7 के सभी आवेदनों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की।
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मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में अंसारी ने कहा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम उचित प्रक्रिया और सत्यापन के बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा किए गए हैं और इनमें कई आवेदन जांच के दौरान निर्धारित प्रारूप के अनुरूप नहीं पाए गए।
स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि वास्तविक मतदाताओं के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराकर मतदाता सूची को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक आवेदन की गहन जांच जरूरी है, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से न हटे।
अंसारी ने आरोप लगाया कि आदिवासी, अल्पसंख्यक और भाजपा विरोधी मतदाताओं को कथित तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और इसमें किसी भी तरह की मनमानी से लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
अंसारी ने कहा कि जांच के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर कांग्रेस संबंधित अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराने के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
स्वास्थ्य मंत्री ने जामताड़ा के लोगों से अपील की कि वे मामले को लेकर घबराएं नहीं। उन्होंने पात्र मतदाताओं से मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांचने तथा किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्येक वास्तविक मतदाता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी है।


