कटिहार। सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने और जिले के विकास सूचकांकों में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से सोमवार को एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। जिलाधिकारी द्वारा नामित जिले के दस प्रमुख पदाधिकारियों ने इस राज्यस्तरीय कार्यशाला में भाग लेकर स्थानीय प्राथमिकताओं और विभिन्न सूचकांकों के बेहतर क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की।
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उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए जिले के लिए एक समेकित एसडीजी आधारित कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों की पहचान कर संबंधित विभागों की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी और तय समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
कार्यशाला के दौरान इन लक्ष्यों को गांव और पंचायत स्तर तक पहुंचाने के लिए गरीबी-मुक्त, स्वस्थ, बाल-मित्र, जल-पर्याप्त, स्वच्छ एवं हरित, मजबूत आधारभूत संरचना, सामाजिक न्याय, सुशासन और महिला-मित्र पंचायत जैसी नौ प्रमुख अवधारणाओं पर विस्तार से मंथन किया गया। इसके साथ ही भुखमरी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ पेयजल, आजीविका और पर्यावरण संरक्षण जैसे सत्रह वैश्विक लक्ष्यों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई।
प्रशासन के अनुसार इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य केवल सांख्यिकी आंकड़ों में सुधार दिखाना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, स्वच्छता और महिला एवं बाल विकास जैसे बुनियादी क्षेत्रों में ठोस काम करके आम नागरिकों के जीवन स्तर में वास्तविक और स्थायी बदलाव लाना है।


