हजारीबाग। पुलिस ने कटकमदाग थाना क्षेत्र से लापता 11 वर्षीय बालिका और उसके 03 वर्षीय भाई की हत्या के सनसनीखेज मामले का सफल उद्भेदन करते हुए मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।
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बुधवार को पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने प्रेसवार्ता कर बताया कि 30 मई 2026 को ओला शोरूम के समीप स्थित लक्ष्मी पेट्रोल पंप क्षेत्र से दोनों बच्चों के गायब होने की सूचना उनके पिता ने कटकमदाग थाना में दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन कर व्यापक जांच शुरू की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि एक व्यक्ति दोनों बच्चों को स्कूटी पर बैठाकर ले जा रहा है। पहचान होने पर आरोपित का नाम संजीत पासवान सामने आया।
इसी बीच 31 मई को कोर्रा थाना क्षेत्र के सिंदूर स्थित श्मशान घाट के पास तमन्ना परवीन (11) बालिका का शव बरामद किया गया। एफएसएल टीम और पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। बाद में तलाशी अभियान के दौरान बालिका के छोटे भाई का शव भी श्मशान घाट से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों से बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपित ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
उसने बताया कि बालिका पिछले दो माह से ओला शोरूम के आसपास आती-जाती थी, जिससे उसकी पहचान हो गई थी। 27 मई 2026 को वह दोनों बच्चों को स्कूटी पर बैठाकर सिंदूर स्थित श्मशान घाट ले गया। वहां सुनसान जगह का फायदा उठाकर उसने बालिका के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने बालिका को पानी में डुबोकर हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया।
बाद में घटना के गवाह बने उसके छोटे भाई रिजवान (03) की भी गला दबाकर हत्या कर शव को बोरे में भरकर झाड़ियों में फेंक दिया। आरोपित की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कूटी (जेएच02बीएच-8804) और प्लास्टिक का बोरा बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि एसआईटी की त्वरित कार्रवाई से मामले का सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया गया।
इस कार्रवाई में हजारीबाग पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि दोनों भाई बहन के शव मिलने से पूरे जिले में सनसनी मच गई थी।




