स्वदेश संवाददाता
चरही (हजारीबाग): चरही चौक के समीप बीते दिन हुई सड़क दुर्घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया। रविवार को चरही थाना प्रभारी कुंदन कांत विमल अपने दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सर्विस रोड पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की।इस दौरान जिला परिषद सदस्य वासुदेव करमाली सहित अन्य स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। हाल ही में बनी सर्विस रोड, जो अभी पूरी तरह से तैयार भी नहीं हुई है, उस पर कई लोगों द्वारा ठेला लगाकर व्यवसाय और वाहनों की पार्किंग कर ली गई थी। इससे राहगीरों और वाहनों के लिए जगह काफी कम हो गई थी, जिसके कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी।प्रशासन की कार्रवाई के दौरान सर्विस रोड से ठेले और अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए, ताकि सड़क से गुजरने वाले लोगों को पर्याप्त जगह मिल सके और भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्विस रोड अभी भी अधूरी है। कई स्थानों पर बीच सड़क में ही घर और बाउंड्री वाल होने के कारण सड़क सीधी और लगातार नहीं बन पाई है। कुछ दूरी तक चलने के बाद सड़क घरों या दीवारों से टकरा जाती है, जिससे सर्विस रोड का उद्देश्य ही अधूरा रह जाता है।स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि कुछ दुकानों को अब तक नहीं हटाया गया है, जिसके कारण सर्विस रोड का निर्माण पूरी तरह संभव नहीं हो पाया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सड़क को व्यवस्थित तरीके से बनाना ही था, तो निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले बाधाओं को क्यों नहीं हटाया गया।इधर सर्विस रोड के निर्माण को लेकर ठेकेदार और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है और कई जगहों पर बिना निरंतरता के सड़क बना दी गई है। ऐसे में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आखिर आधी-अधूरी सर्विस रोड बनाकर काम क्यों छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं अधूरा निर्माण कराकर ही पूरा भुगतान तो नहीं कर दिया गया।ग्रामीणों का कहना है कि यदि सर्विस रोड को पूरी योजना के तहत एक लाइन में नहीं बनाया गया, तो भविष्य में भी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहेगा। इसलिए प्रशासन और संबंधित विभाग को चाहिए कि पूरे मामले की जांच कराते हुए सर्विस रोड का निर्माण व्यवस्थित और पूर्ण रूप से कराया जाए।
© STDigital. Designed by Forever Infotech.



