हजारीबाग। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के जोनल प्रवक्ता डॉ जमाल अहमद ने भाजपा की ओर से मौजूदा झारखंड सरकार के निःशुल्क कफन बांटे जाने की योजना पर आपत्ति जताने पर क्षोभ व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा इन बेतुकी बयानबाजियों से दरअसल केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की विफलताओं को छुपाना चाहते हैं। देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश जिस तरह कोरोना महामारी का सामना करने में विफल साबित हुआ है, उसकी मिसाल दुनिया में नहीं मिलेगी। उत्तरप्रदेश में कोरोना के चलते काल के गाल में समा गए कितने ही लोगों की लाशें गंगाजी की लहरों में बगैर अंतिम संस्कार के बहा दी गईं। कितने ही मृतकों को बालू के रेतो में लोगों ने दफना दिया। शमशान में जगह की कमी होने से विभिन्न पार्को चौराहों में अंतिम संस्कार किया गया।
ये सारी बातें अब किसी से छिपी हुई नहीं हैं। और तो और, केंद्र की मोदी सरकार आपदा को अवसर बनाकर देश की एक एक करके सारी सरकारी संस्थानों को पूंजीपतियों के हाथों बेच रही है। कर्मचारियों को बाहर किया जा रहा है, किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है, युवा बेरोजगारों को नौकरी नहीं दी जा रही है और शैक्षणिक संस्थाओं को बर्बाद किया जा रहा है। आज देश की आर्थिक व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई है, जो किसी से छिपी नहीं है। भाजपा के नेता झारखंड की लोकप्रिय हेमंत सरकार के लिए लगातार दुष्प्रचार करते रहे हैं, ताकि इनके द्वारा जो अच्छे काम किए जा रहे हैं उस पर पर्दा डाला जा सके। आज हेमंत सरकार ने मेडिकल का मामला हो या खाद आपूर्ति का, इन सारे मामलों में जो सफलता हासिल की है, इससे लगातार झारखंड की जनता के बीच हेमंत सरकार की लोकप्रियता बढ़ी है। केन्द्र सरकार की तुलना में जनता के लिए जिम्मेदारी के झारखंड सरकार के जज्बे को भाजपा के लोग आसानी से पचा नहीं पा रहे हैं, इसलिए कुछ भी अनर्गल बोलते रहते हैं।


