रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस की ओर से सोमवार को शोकसभा आयोजित कर पार्टी विधायक दिवंगत राजेंद्र प्रसाद सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। कांग्रेस भवन रांची के सभागार में दो गज की दूरी के साथ आयोजित शोकसभा की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष और वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने की। उरांव ने कहा कि जीवन पर्यन्त मजदूरों और आमजनों के लिए संघर्षरत राजेंद्र प्रसाद सिंह को झारखंड के ही नहीं, देशभर के मजदूर अपना हमदर्द समझते थे। अपने राजनीतिक जीवनकाल में लगभग पांच दशक तक मजदूरों के हक के लिए संघर्षरत राजेंद्र प्रसाद सिंह ने श्रमिक नेता के रूप में झारखंड ही नहीं, पूरे देश में अपनी एक विशिष्ठ पहचान बनायी।
उन्होंने राजेंद्र प्रसाद सिंह के साथ अपनी यादों को साझा करते हुए बताया कि कई बार उनसे बातें होती, तो उनसे पूछते थे कि किस तरह से वे मजदूरों का हक दिलाने में सफल होते, तो राजेंद्र प्रसाद सिंह कहते थे कि एक मजदूर की आत्मा उनमें है, इसके बिना वे अधूरा है। राज्य विभाजन के बाद वे लगातार सभी को साथ लेकर पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत रहते थे।
मौके पर राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि एकाएक राजेंद्र बाबू का हमसबों के बीच से जाना अत्यंत दुःखद है। पूरा कांग्रेस परिवार दुःखी है और वे हमेशा मजदूरों के मसीहा के रूप में याद किये जाएंगे। उनका व्यक्तित्व मिलनसार और मददगार छवि के रूप में हमेशा याद किया जाता रहेगा।
कृषिमंत्री बादल पत्रलेख ने नमन करते हुए कहा कि श्रमिक नेता राजेंद्र प्रसाद सिंह का दुनिया से चले जाना झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि राजेंद्र बाबू पक्ष-विपक्ष सभी को साथ लेकर चलने पर विश्वास करते थे, झारखंड ही नहीं, एकीकृत बिहार में हमेशा उन्होंने पार्टी संगठनों को मजबूत करने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में आज वे जो कुछ भी है, राजेंद्र प्रसाद सिंह की बदौलत ही है।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद सिंह की अंत्येष्टि मंगलवार को उनके पैतृक गांव करगली के दामोदर नदी तट पर होगा। उन्होंने बताया कि पार्टी के दिवंगत नेता के पार्थिव शरीर को दिल्ली से सड़क मार्ग से पैतृक गांव लाया जा रहा है और सोमवार की शाम तक पहुंच जाने की संभावना है। उन्होंने आम जनों के दर्शानार्थ पार्थिव शरीर को पैतृक गांव स्थित घर में रखा जाएगा, जहां सभी दो गज की दूरी का पालन करते हुए अपने प्रिय नेता अंतिम दर्शन कर सकेंगे और श्रद्धांजलि दे सकेंगे। पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। रामेश्वर उरांव मंगलवार को बेरमो जाएंगे और पार्टी की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।
शोक सभा में कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, मानस सिन्हा, राहत निगरानी समिति के प्रदीप तुलस्यान, आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनादि ब्रह्म, रमा खलखो, डॉ जयप्रकाश गुप्ता, रौशन लाल भाटिया, गीताश्री उरांव, राजीव रंजन प्रसाद आदि उपस्थित थे।
शोकसभा के अंत में दो मिनट का मौन रखकर सभी ने पार्टी के दिवंगत नेता को नमन किया।
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