Dehradun: सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत (Cooperative Minister Dr. Dhan Singh Rawat) ने रविवार को सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि घाटे में चल रही समितियां को उबारने के लिए माइक्रो प्रॉफिट प्लान बनाएं, जिससे एक वर्ष में यह सभी समितियां फायदे में आ जाएं। प्रत्येक महीने सभी शीर्ष अधिकारी जनपदों में जाकर इसकी समीक्षा भी करें।
सहकारिता मंत्री डॉ. रावत आज राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना सभागार में सहकारिता विभाग के राज्य और जिला स्तरीय की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तरीय सहकारिता अधिकारी प्रत्येक जनपद में सहकारिता की योजनाओं की समीक्षा करेंगे और उन्हें रिपोर्ट देंगे। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने संचालित योजनाओं की प्रगति समितियां में नए सदस्यों का पंजीकरण साथ ही वन टाइम सेटलमेंट योजना, माधो सिंह भंडारी सामूहिक सहकारिता खेती, जन औषधि केंद्र और पिछले 6 महीने की सभी बैंकों के लाभ की प्रगति रिपोर्ट जनपदवार जानी। वन टाइम सेटलमेंट योजना में नैनीताल जनपद और सबसे अधिक सदस्य बनने में पौड़ी जनपद की सहकारिता मंत्री ने प्रशंसा की।
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सहकारिता मंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ऋण वितरण योजना के 5 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस योजना के स्वरूप को लेकर चर्चा की जानी है। कैसे यह योजना किसानों के लिए अधिक लाभकारी हो। इस योजना में ऋण वितरण की प्रणाली में ऋण वितरण कमेटी के माध्यम से किया जाए, जिसमें क्षेत्र के दो बुद्धिजीवी और एक ब्लॉक या जिले का प्रतिनिधि होगा। जिले का सीडीओ भी इस ऋण वितरण के आवेदन की समीक्षा करेंगे। इस प्रक्रिया से ऋण वितरण में पारदर्शिता आएगी।
करीब 82 हज़ार नए सदस्य बनें-
निबंधक सहकारी समितियां आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि अभी तक सहकारी समितियां में 2 लाख नए सदस्यों के लक्ष्य को प्राप्त करते हुए करीब 82 हज़ार सदस्य बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही वन टाइम सेटलमेंट योजना का अच्छा रिस्पांस मिलने के कारण इसे 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है।
जिला सहकारी बैंक 180 करोड़ के मुनाफे में –
इन दिनों धान, मंडवा, खरीद हो रही है किसानों के आग्रह करने पर इस योजना को नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। इसके साथी इसलिए वित्तीय वर्ष में प्रदेश के जिला सहकारी बैंक 180 करोड़ के मुनाफे में थे। इस वर्ष यह है प्रॉफिट 200 करोड़ के पार की उम्मीद है।
बैठक में निबंधक सहकारिता आलोक कुमार पांडेय, जिला सहकारी बैंक टिहरी के अध्यक्ष सुभाष रमोला , अपर निबंधक ईरा उप्रेती, अपर निबंधक आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक एमपी त्रिपाठी, उपनिबंधक और यू सी एफ की प्रबंध निदेशक रामिन्द्री मंद्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।